14 बीघा से अधिक जमीन वाले कुछ किसानों को सात हजार तक राहत राशि जारी हुई है। लेकिन करीब 80 फीसदी किसानों को 25 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक ही राहत राशि मिली है। दस फीसदी प्रभावितों को 25 रुपये, बीस फीसदी प्रभावितों को पांच सौ रुपये तक की मुआवजा राशि दी गई है। किसान राकेश, रोहित, विनोद, किशन, सुरेश, दोरजे, छेरिंग, तंडुप, सोनम और दिनेश ने कहा कि मुआवजे के नाम पर दी गई यह राशि भद्दा मजाक है।
बर्फबारी के कारण सेब से लदे दो लाख से अधिक पेड़ क्षतिग्रस्त हुए और गोभी, आलू समेत अन्य नगदी फसलों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचा। प्रति किसान को मिली राहत राशि से अधिक पैसे तो रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रशासन ने कागजों और फोटोस्टेट में खर्च किए हैं। उधर, एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि प्रशासन ने सरकारी मापदंडों के तहत नुकसान का आकलन करने के बाद ही किसानों को राहत राशि जारी की है।
20 सेब पौधों से हो जाती है 50 हजार आय
प्रभावित बागवानों की मानें तो अच्छी किस्म के 20 फलदार पौधे भी हों तो खर्च निकाल कर 50 हजार रुपये तक की आमदन हो जाती है। ऐसे में प्रशासन ने फसल बरबादी का आकलन कौन से अजब फार्मूले से किया है, यह समझ से परे है।