हैरानी की बात है कि बालपेन और कांफ्रेंस पैड दोनों के रैपर पर उनके अधिकतर खुदरा मूल्य अंकित हैं। बावजूद इसके पक्के बिल पर कैसे अधिक मूल्य दर्शा दिया। स्कूलों अध्यापकों के लिए अक्तूबर और नवंबर में पांच-पांच दिन के सेमीनार जिले के सभी खंडों में हुए थे। इनमें प्रत्येक अध्यापक को विभाग की तरफ से बॉलपेन और कांफ्रेंस पैड वितरित किए गए थे।
यह सामग्री शिक्षा विभाग की तरफ से खरीदी गई थी। इसके बिल संबंधित प्रभारी ने विभाग में जमा करवाए हैं। उधर, एसएसए के जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य डाइट गौना करौर राजेंद्र पाल ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।