प्रदेश के राज्यपाल कल्याण सिंह मंडी से चंडीगढ़ वापस जाते समय बंगाणा विश्राम गृह में चाय पान के लिए 15 मिनट ठहरे। जहां पर राज्यपाल उपमंडल बंगाणा के पत्रकारों से रूबरू हुए। राज्यपाल ने पहले ही वाक्य में कहा कि हिमाचल प्रदेश व यहां के लोग बहुत ही अच्छे व शांत स्वाभाव के हैं।
मैं जब चौथी कक्षा में पढ़ता था, तब चिंतपूर्णी ज्वालाजी एवं वज्रेश्वरी माता के दर्शन के लिए होशियारपुर से पैदल चलकर आया था। पहाड़ मुझे बहुत ही आकर्षित करते हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल का मेरा यह दूसरा प्रवास है। मौसम साफ न होने के कारण राष्ट्रपति का हैलीकॉप्टर मंडी में लैंड नहीं कर सका और मंडी का कार्यक्रम मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ मिलकर संपन्न किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि मैं धरती से जुड़ा हुआ कार्यकर्ता रहा हूं इसलिए मेरी प्राथमिकताओं में गांव के किसान का विकास सबसे पहले शुमार रहता है। यदि सड़क, सिंचाई, शिक्षा, बिजली, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा तथा स्वरोजगार ये सात चीजें मिल जाएं तो देश का सर्वांगीण विकास हो जाएगा और कोई भी ग्रामीण किसान शहरों को पलायन करने पर मजबूर नहीं होगा।