हिमाचल मंत्रिमंडल ने प्रदेश में आवंटित की गई सात जल विद्युत परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। इन परियोजनाओं को तकनीकी और वित्तीय तौर पर अव्यवहारिक बताया गया है। बैठक में स्पीति घाटी में सोलर पार्क की निगरानी के लिए निगम बनाने और सूबे में नई सौर ऊर्जा नीति 2016 बनाने का फैसला लिया गया।
लाहौल स्पीति जिले की स्पीति घाटी में 1000 मेगावाट के सौर पार्क के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए संयुक्त उपक्रम कंपनी हिमाचल प्रदेश सोलर पावर कारपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। ये भी फैसला हुआ कि राज्य में सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सौर ऊर्जा नीति 2016 बनेगी
किन्नौर जिले के उपमोहाल धारबांदग में बास्पा-दो जल विद्युत परियोजना के लिए मैसर्ज जयप्रकाश वेंचर लिमिटेड को पट्टे पर दी गई सरकारी भूमि के नवीकरण की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने 2.80 मेगावाट की छतरी और तीन मेगावाट की चेनी और पांच मेगावाट की कमिल-2 जल विद्युत
परियोजनाओं का दायरा एवं क्षमता वृद्धि और इनमें अतिरिक्त नालों को जोड़ने की स्वीकृति दी। शिमला जिले में एक मेगावाट की लघु जलविद्युत परियोजना रावी की बहाली के लिए विस्तार सुरक्षा लागत, प्रक्रिया शुल्क जमा करवाने की कुछ शर्तों को पूरा करने के आधार पर स्वीकृति दी।