कमेटी यह तय करेगी कि कौन-कौन सी महिलाएं 1,500 रुपये लेने के लिए पात्र हैं। यह भी देखा जाएगा कि ऐसी महिलाओं को पैसा नहीं दिया जाए, जिन्हें इसकी जरूरत नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में 18 से 60 वर्ष की महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये देने और एक लाख रोजगार के अवसर पैदा करने की घोषणाओं को पूरा करने के लिए बनाई गई कैबिनेट सब कमेटियों को अधिसूचित कर दिया गया है। दोनों कमेटियां एक माह के भीतर कैबिनेट को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी। महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये देने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में कृषि मंत्री चंद्र कुमार, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को सदस्य बनाया गया है।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव को कमेटी का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। एक लाख रोजगार के अवसर तलाशने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सचिव कार्मिक और सचिव श्रम एवं रोजगार को शामिल किया गया है। मंत्री धनीराम शांडिल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब कमेटी को प्रतिमाह 1,500 रुपये देने के लिए नियम एवं शर्तें तय करने का जिम्मा सौंपा गया है। संभावित है कि 1,500 रुपये प्रतिमाह देने के लिए सरकार आय की शर्त जोड़ सकती है।
केवल बीपीएल और ईडब्ल्यूएस परिवारों को ही यह लाभ दिया जा सकता है। किसी भी अन्य तरह की पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगी। कमेटी यह भी देखेगी कि ऐसी महिलाओं को पैसा न दिया जाए जो पहले से आर्थिक तौर पर संपन्न हैं। खंड विकास अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से भी कैबिनेट सब कमेटी आने वाले दिनों में इस बाबत चर्चा कर सकती है। दूसरी कमेटी प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तलाशने का काम करेगी। इसके तहत उद्योगपतियों के साथ बैठकें की जाएंगी। बाजार की मांग के अनुरूप शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रम को बदलने का काम किया जाएगा।