मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड जोन से आ रहे सर्दी, खांसी जुकाम के लक्षणों वाले हिमाचलियों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा। राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाना चाहिए कि उसे संस्थागत क्वारंटीन में रखना है या होम क्वारंटीन में।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर सभी फंसे हिमाचलियों को देहरादून तक लाने के लिए सहमत हो गई है और वहां से उन्हें उनके मूल स्थान पर लाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
सीएम ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन को और अधिक कठोर बनाने के लिए एक सिस्टम विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों को शामिल करना चाहिए ताकि होम क्वारंटीन में रह रहे लोग घर से बाहर न निकलें।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि लगभग 300 छात्र भी जल्द ही यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि हिमाचल से प्रवासियों का पलायन रोका जाएगा और उन्हें प्रदेश में पर्याप्त काम के अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए।