पुलिस का सुझाव है कि अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैक मी फीचर सक्रिय करे। यह फीचर उपयोगकर्ता को यात्रा की अनुमानित अवधि तय करने का विकल्प देता है। यदि निर्धारित समय में यात्रा पूरी नहीं होती, तो आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली अलर्ट जारी करती है। इसके बाद पुलिस लोकेशन के आधार पर संपर्क कर तत्काल सहायता भेजती है। एप में एसओएस पैनिक बटन किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय किया जा सकता है। बटन दबाते ही महिला की लाइव जीपीएस लोकेशन सीधे राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र और नजदीकी पुलिस नियंत्रण कक्ष तक पहुंचती है। इससे अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर डायल करने की जरूरत नहीं पड़ती। पुलिस बिना समय गंवाए सहायता के लिए रवाना हो सकती है।
शाउट फीचर सक्रिय करने पर पुलिस के साथ आसपास मौजूद पंजीकृत स्वयंसेवकों तक भी अलर्ट पहुंचता है। इससे पुलिस के पहुंचने से पहले भी नजदीकी व्यक्ति सहायता के लिए आगे आ सकता है। साइलेंट इमरजेंसी अलर्ट सुविधा से बिना आवाज के भी पुलिस तक एसओएस संदेश और सटीक लोकेशन भेजी जा सकती है। एप में परिवार या दोस्तों के मोबाइल नंबर दर्ज करने पर एसओएस सक्रिय होने पर उन्हें भी लोकेशन लिंक मिलता है। यह एप एंबुलेंस, अग्निशमन सेवा और अन्य आपदा प्रबंधन सेवाओं तक भी तत्काल पहुंच प्रदान करता है।
हम सभी सोलो महिला ट्रैवलर, छात्राओं और पर्यटकों से अपील करते हैं कि हिमाचल की यात्रा के दौरान 112 इंडिया एप का उपयोग जरूर करें। यह एप आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता के साथ आपके परिजनों को भी तत्काल जानकारी उपलब्ध कराकर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है।- अशोक तिवारी, डीजीपी