सियासत के अपने ही रंग हैं। राजनीति में कुछ भी संभव है। जिस गुरु ने राजनीति का ककहरा सिखाया आज उसी चेले ने अपने ही गुरु को सियासी मैदान में धूल चटा दी है। सुजानपुर सीट पर न मुख्यमंत्री प्रत्याशी का फैक्टर चला और न ही मोदी का मैजिक काम आया।
बड़े नाम पर अकेले राजेंद्र राणा का रसूख ही भारी पड़ गया। प्रदेश की सबसे हॉट सीट सुजानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल को शिकस्त दे दी है। धूमल लगातार चार बार विधानसभा का चुनाव जीते हैं। दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन इस बार भाजपा दिग्गज धूमल पर कभी उन्हीं के शिष्य रहे राजेंद्र राणा भारी पड़ गए।
राजेंद्र राणा ने मतगणना के कुल 13 राउंडों में बढ़त का ऐसा क्रम जारी रखा जो एक भी राउंड में टूट नहीं पाया। हालांकि, बीच कुछ राउंड में भाजपा प्रत्याशी धूमल को कांग्रेस के राजेंद्र राणा से अधिक मत मिले, लेकिन वह बढ़त का क्रम नहीं तोड़ पाए। राणा कभी धूमल के हनुमान कहे जाते थे। उनका राजनीति में पदार्पण भी धूमल के कारण ही हुआ।
साल 2007 में सत्तासीन होने पर धूमल ने ही राजेंद्र राणा को हिमाचल प्रदेश मीडिया बोर्ड का वाइस चेयरमैन बनाया, लेकिन कुछ समय के बाद ही राजेंद्र राणा को यह पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने अब भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को हराकर प्रदेश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। यह भी तब है जब भाजपा को प्रदेश में पूर्ण बहुमत मिला है।