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HP: हिमाचल में पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर रोक, आदर्श आचार संहिता के प्रावधान के तहत अधिसूचना जारी

Mon, 17 Nov 2025 04:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के खंड को पूरे प्रदेश में लागू करते हुए चुनाव प्रक्रिया समाप्त नहीं होने तक पंचायतों और नगर पालिकाओं की संरचना, वर्गीकरण या क्षेत्र में परिवर्तन पर रोक लगा दी है।
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पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। सोमवार को आयोग ने आदर्श आचार संहिता के एक प्रावधान के तहत अधिसूचना जारी कर प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर रोक लगा दी। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद जल्द पंचायतीराज चुनावों की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

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हिमाचल प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी, 50 शहरी निकायों का कार्यकाल 18 जनवरी, चार नगर निगमों (धर्मशाला, पालमपुर, मंडी, सोलन) का कार्यकाल 13 अप्रैल और पांच नगर पंचायतों (अंब, चिड़गांव, कंडाघाट, नेरवा और निरमंड) का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को पूरा हो रहा है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में 3,577 ग्राम पंचायतों, 90 पंचायत समितियों, 11 जिला परिषदों और 71 शहरी निकायों का पुनर्सीमांकन कार्य पूरा कर अधिसूचना प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। साथ ही 3,548 ग्राम पंचायतों और 70 स्थानीय शहरी निकायों में मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। जबकि 29 ग्राम पंचायतों और एक स्थानीय शहरी निकाय की मतदाता सूचियाें को 1 और 7 दिसंबर 2025 को अंतिम रूप दिया जाएगा।

अधिसूचना के अनुसार पंचायतीराज संस्थाओं के गठन के लिए शेष समय 75 दिन से कम है और अधिकांश शहरी स्थानीय निकायों के लिए लगभग 60 दिन है। इसलिए चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243, पंचायती राज, नगरपालिका और नगर निगम अधिनियम के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल में आदर्श आचार संहिता 2020 के खंड को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में पंचायतों और नगर निकायों की सीमाओं, क्षेत्र, संरचना या वर्गीकरण में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। आयोग ने सभी विभागों व प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है और नियमों के अनुसार आगे की सभी गतिविधियां निर्धारित रूप में समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। आयोग की प्राथमिकता पारदर्शी और निर्बाध चुनाव करवाना है। - अनिल कुमार खाची, राज्य चुनाव आयुक्त हिमाचल प्रदेश
 
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