हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वीवपैट मतगणना के बाद भी छह माह तक सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद से बचने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग ने मतगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे दिन भी मतगणना का प्रशिक्षण देते हुए कहा है कि मतगणना के बाद सभी प्रत्याशियों के एजेंटों के हस्ताक्षर कराने अनिवार्य हैं। आयोग चाहता है कि मतगणना के बाद किसी भी विवाद से बचा जा सके। मतगणना केंद्रों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव नतीजे घोषित होते ही अधिकृत एजेंटों के मौके पर ही तुरंत हस्ताक्षर कराए जाएं। ये एजेंट वही होने चाहिए, जिनको प्रत्याशियों के अधिकृत पत्र पर मतदान केंद्र में प्रवेश करने के लिए चुनाव आयोग के फोटो पहचानपत्र पत्र जारी किए हों।
चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों ने भी मांगा मानदेय
वहीं, राज्य विधानसभा चुनाव 2022 में चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों भी चुनाव आयोग से मानदेय देने की मामला उठाया है। इस संबंध में पुलिस कर्मचारियों ने पुलिस प्रमुख से लिखित तौर पर कहा है कि यह मसला चुनाव आयोग से उठाया जाए। पत्र में कहा गया है कि जिस तरीके से अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को विधानसभा चुनाव के दौरान तय मानदेय देने की व्यवस्था की गई है उसी तर्ज पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मानदेय दिया जाए। इस पत्र के साथ चुनाव ड्यूटी देने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बार दिए जाने वाले मानदेय के संबंध में जारी पत्र की प्रति भी संलग्न करके भेजी गई है।