श्याम सरण नेगी के निधन से पूरे किन्नौर जिले में मातम का माहौल बना हुआ था, लेकिन उनके दाह संस्कार पर किसी भी पार्टी का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार में व्यस्त होने के चलते किसी भी नेता को देश के प्रथम मतदाता की याद नहीं आई।
वहीं, नेगी के पार्थिव शव को उनके घर से 16 किलोमीटर दूर शौंगठोंग तक ले जाते समय रास्ते में किन्नौर जिले के विभिन्न गांवों से लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए श्मशानघाट तक पहुंचे और उन्हें अंतिम विदाई दी। एक जनवरी 2015 में श्याम चरण नेगी की पत्नी का निधन हुआ था। नेगी सबसे छोटा बेटे चंद्र प्रकाश के साथ रहते थे।