हिमाचल में कई दिग्गज नेताओं के बेटे और बेटियां भी इस बार विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं। इनकी जीत तय करेगी कि क्या वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा पाते हैं या नही।
कांग्रेस छोड़ मंत्री पद त्यागने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के बेटे अनिल शर्मा मंडी से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य पहली बार शिमला ग्रामीण क्षेत्र से किस्मत आजमा रहे हैं। कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर मंडी से मैदान में हैं।
पिता-पुत्री दोनों की प्रतिष्ठा लगी हुई है। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने खुद न उतरकर अपने बेटे आशीष बुटेल को पालमपुर से उतारा है। कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा के बेटे विवेक शर्मा पर कुटलैहड़ सीट से दांव खेला है।
337 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज
हिमाचल में अगली सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला आज होने वाला है। प्रदेश में धूमल का राज होगा या वीरभद्र सरकार रिपीट करेगी, यह तय हो जाएगा। हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए नौ नवंबर को हुए मतदान का 38 दिन बाद परिणाम सामने आएगा। सुबह आठ बजे से प्रदेश के 48 मतदान केंद्रों में ईवीएम में कैद मतों की गणना शुरू हो जाएगी।
दोपहर करीब 12 बजे तक नतीजे आने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने इस बार मतदान में ईवीएम के साथ वीवीपैट का भी प्रयोग किया है। मतगणना के दौरान हर हलके से एक वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम में डले वोटों से मिलान होगा। कुल 68 विधानसभा सीटों के लिए बहुमत के लिए 35 का जादुई आंकड़ा चाहिए।
विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा, कांग्रेस, माकपा, कुछ अन्य दलों और निर्दलीयों समेत 337 प्रत्याशी मैदान में हैं। 19 महिलाएं भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। नौ मंत्रियों, आठ सीपीएस समेत 60 विधायकों की प्रतिष्ठा दांव में लगी है। प्रदेश के 7524 मतदान केंद्रों में करीब 38 लाख मतदाताओं ने ईवीएम में बटन दबाकर नई सरकार चुनी है। मतदान में प्रदेश के वोटरों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
मतदान प्रतिशत 75 फीसदी रहा। आज मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद सीएम वीरभद्र सिंह शिमला जबकि पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल हमीरपुर में नतीजे सुनेंगे। दोनों बहुमत से सरकार बनाने के दावे कर रहे हैं।