फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इसलिए बदली जा रही है हिमाचल की शिक्षा नीति

विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षा विभाग की नीतियों में भी बदलाव करना होगा। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और समीक्षा को अनिवार्य करना होगा। हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर क्यों नहीं सुधर रहा, इसको जांचना होगा।
विज्ञापन


सोमवार को स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए पीटरहाफ शिमला में बुलाई गई राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न शिक्षक संघ ये बातें सामने लाए। साल 2016-17 के लिए शिक्षा विभाग योजना बनाने की तैयारियां कर रहा है। सोमवार को पहली बैठक बुलाई गई।

शिक्षक संघों ने बैठक के माध्यम से शिक्षा विभाग के अफसरों की खूब खिंचाई की। बैठकों को सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहने का आरोप भी लगाया। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएं। इसको लेकर प्लान बनाया जा रहा है।
विज्ञापन


बैठक की शुरुआत सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने की। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष विरेंद्र चौहान ने कहा कि साल 2000 में सर्व शिक्षा अभियान का गठन हुआ। 15 सालों में अब पहली बार शिक्षा में गुणवत्ता लाने को लेकर चर्चा हो रही है।
विज्ञापन

गुणात्मकता लाने के लिए ये सिफारिशें

15 सालों में शिक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण की कोई समीक्षा नहीं हुई है। प्रशिक्षण से स्कूलों में क्या फायदे हुए, योजनाएं किस स्तर तक लागू हुईं। इसको जांचा ही नहीं गया है। कहा कि शिक्षकों से कई गैर शिक्षण कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेश हेडमास्टर ऑफिसर एसोसिएशन से उधम सिंह गुलेरिया ने कहा कि शिक्षकों को कमजोर छात्रों को किसी तरह मेधावी बनाया जाए, इसका प्रशिक्षण भी देना चाहिए।

टीचर यूनियन के अध्यक्ष श्याम सुंदर रांटा ने कहा शिक्षकों के प्रशिक्षण के नतीजे नहीं आ रहे हैं। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में प्रशिक्षण होना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। बैठक में विभिन्न जिलों से आए उपनिदेशकों सहित कई शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

गुणात्मकता लाने के लिए ये सिफारिशें
- प्राथमिक कक्षाओं में नियुक्त हों विषय विशेषज्ञ शिक्षक
- ग्रेडिंग सिस्टम ठीक नहीं, पास, फेल की हो व्यवस्था
- स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को समय पर भरा जाए
- एनसीईआरटी की किताबों को ही पढ़ाया जाए
- शिक्षकों का प्रशिक्षण ब्लॉक या स्कूल स्तर पर ही हो
- एससीईआरटी को सुदृढ़ किया जाए
- स्वयं सिद्धम प्रोजेक्ट में इंटरनेट कनेक्टिविटी दुरुस्त की जाए
- आईसीटी लैब में आधुनिक सुविधाएं दी जाए
- शिक्षकों से गैर शिक्षण कार्य न करवाया जाए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें