शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षा विभाग की नीतियों में भी बदलाव करना होगा। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और समीक्षा को अनिवार्य करना होगा। हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर क्यों नहीं सुधर रहा, इसको जांचना होगा।
सोमवार को स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए पीटरहाफ शिमला में बुलाई गई राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न शिक्षक संघ ये बातें सामने लाए। साल 2016-17 के लिए शिक्षा विभाग योजना बनाने की तैयारियां कर रहा है। सोमवार को पहली बैठक बुलाई गई।
शिक्षक संघों ने बैठक के माध्यम से शिक्षा विभाग के अफसरों की खूब खिंचाई की। बैठकों को सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहने का आरोप भी लगाया। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएं। इसको लेकर प्लान बनाया जा रहा है।
बैठक की शुरुआत सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने की। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष विरेंद्र चौहान ने कहा कि साल 2000 में सर्व शिक्षा अभियान का गठन हुआ। 15 सालों में अब पहली बार शिक्षा में गुणवत्ता लाने को लेकर चर्चा हो रही है।