शिक्षा विभाग का दस दिन में दूसरा कारनामा सामने आया है। पहले स्कूलों को भेजे परफार्मा में कई गलतियां थीं, अब अजीबोगरीब जानकारी मांग ली है। निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों से वर्ष 2014 से अब तक मुख्यमंत्री वर्दी योजना व अटल वर्दी योजना के तहत लाभान्वित छात्रों की डिटेल मांगी है। इसमें स्कूलों को बताना पड़ेगा कि उनके यहां पढ़ रहे बच्चे वैवाहिक हैं या नहीं।
इसके अलावा बच्चों का मनरेगा जॉब कार्ड नंबर भी मांगा गया है। ऐसी जानकारी मांगना समझ से परे है। अन्य कॉलम में आधार कार्ड नंबर, उनके माता-पिता का नाम, उनका मोबाइल नंबर व अन्य डिटेल मांगी गई है। दसवीं या जमा दो तक पढ़ने वाले अधिकतर छात्र नाबालिग होते हैं और उनके बारे में विभाग की ऐसी जानकारी मांगने से स्कूल अध्यापक भी असहज महसूस कर रहे हैं।
जहां लड़कों की शादी की उम्र कानूनी तौर पर 21 वर्ष रखी गई है, वहीं लड़कियों के लिए 18 वर्ष है। मनरेगा के लिए मजदूरी करने के लिए उम्र भी 18 वर्ष निर्धारित है। उधर, हमीरपुर उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा जसवंत सिंह के अनुसार उक्त परफार्मा ही गलत बना है। स्कूल प्रशासन के पास अगर किसी प्रकार की छात्र से संबंधित जानकारी नहीं हो तो वह उस सवाल के आगे ‘नहीं’ लिख सकता है।