हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पीटीए शिक्षिका की सेवाओं को पुनः शामिल करने की मांग को लेकर दायर याचिका को विलंब और निष्क्रियता के आधार पर खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने प्रवक्ता (संस्कृत) के पद पर पीटीए के तहत अपनी सेवाओं को बहाल करने की मांग की थी। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने यह फैसला दिया है। याचिकाकर्ता कुसुम कुमारी ने 22 मई 2014 की अधिसूचना और अश्वनी कुमार शर्मा बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य के मामले में दिए गए फैसले के संदर्भ में पीटीए के तहत प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाओं की पुनः नियुक्ति की मांग की थी।