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हिमाचल: चालू वित्त वर्ष की क्लोजिंग के आदेश करना भूल गए डीसी

Fri, 27 Mar 2020 12:01 PM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
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डीसी शिमला अमित कश्यप
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कोरोना वायरस से निपटारे की व्यस्तता के बीच डीसी शिमला अमित कश्यप वित्तीय वर्ष 2019-20 की क्लोजिंग के आदेश करना ही भूल गए। इसके लिए 24 मार्च को ही डीसी शिमला को कोष विभाग के कामकाज को आवश्यक सेवाओं की सूची में रखना था लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। इससे जिला शिमला के एक दर्जन से ज्यादा उप कोष कार्यालय दो दिन बंद रहे। जिला कोषागार और कैपिटल ट्रेजरी में भी कामकाज ठप रहा।

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इनमें कार्यरत कर्मचारी छुट्टी में रहे। विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख और आहरण एवं वितरण अधिकारी चालू वित्तीय वर्ष के बिलों को कोषागार में जमा नहीं कर सके। 27 मार्च बिल जमा करने की अंतिम तिथि है। ऐसे में बजट सरेंडर करने की नौबत आ गई है। 27 मार्च तक इन बिलों को जमा करने के यह आदेश विशेष सचिव वित्त डीडी शर्मा की ओर से जारी किए थे। हालांकि, आनन-फानन में गुरुवार को पुरानी तारीख से आदेश जारी कर दिए गए। 

  विशेष सचिव ने यह आदेश सभी उपायुक्तों, विभागाध्यक्षों को किए थे। यह आदेश प्रदेश में कर्फ्यू लगने के आदेश से पहले जारी हो गए थे। शिमला को छोड़कर सभी उपायुक्तों ने कर्फ्यू लगने के बीच कोष को भी आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा। मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी के अलावा कांगड़ा जिला ने यह आदेश 24 मार्च को तत्काल प्रभाव से जारी कर दिए थे। 25 मार्च को ही चंबा, लाहौल स्पीति, सोलन, मंडी आदि जिलों के उपायुक्तों ने भी जारी किए।
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इसके तहत कोषागार और तमाम सरकारी विभागों के कामकाज से जुड़े कर्मचारियों की आवाजाही सुनिश्चित होनी थी। यह मामला अमर उजाला ने सरकार और प्रशासन के ध्यान में लाया। इससे सीएम कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय हरकत में आए। इसके बाद ही उपायुक्त अमित कश्यप ने आनन-फानन में वीरवार शाम यह आदेश जारी किए। हालांकि यह यह आदेश पौने पांच बजे तक भी जिला कोषाधिकारी कार्यालय और उप कोषागारों में नहीं पहुंचे थे। ऐसे में क्लोजिंग के लिए केवल दिन शुक्रवार का ही बचा रह गया है। 

गलती मानने को तैयार नहीं डीसी बोले -कोष विभाग की गलती 
गुरुवार को जब उपायुक्त अमित कश्यप को इस बारे में पूछा तो वह गलती मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि इसमें उनकी नहीं बल्कि कोष विभाग की ही गलती है। वह सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने के कारण ज्यादा बात नहीं कर पाएंगे। इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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