पिता प्रवीण कुमार ने बताया कि सिद्धार्थ को आईपीएल में भी ट्रायल के लिए मुंबई बुलाया गया था, लेकिन मौका नहीं मिला। निराश हुआ तो सिद्धार्थ ने क्रिकेट छोड़कर किसी दूसरे क्षेत्र में करियर बनाने की सोची, लेकिन क्रिकेट का जुनून इस कदर था कि वही किसी दूसरे क्षेत्र की ओर कदम नहीं बढ़ा पाए।
विजय हजारे ट्रॉफी में जीतकर इतिहास रचने वाली हिमाचल क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज सिद्धार्थ शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऊना जिला के बसदेहड़ा क्षेत्र के रहने वाले सिद्धार्थ ने तीन मैचों में पांच विकेट चटकाए। फाइनल मुकाबले में उन्होंने तमिलनाडु के सबसे अनुभवी बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का विकेट लिया।
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सिद्धार्थ शर्मा ने पूर्व दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से गेंदबाजी से गुर सीखे और बाद में पटियाला के कोच मनीष बाली ने गेंदबाजी की बारीकियां सिखाई। उन्होंने 2017 में रणजी ट्रॉफी में पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ के खिलाफ भी मैच खेले।
मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी सिद्धार्थ को खेलने का अवसर मिला। सिद्धार्थ के पिता प्रवीण कुमार के मुताबिक सिद्धार्थ को आईपीएल में भी ट्रायल के लिए मुंबई बुलाया गया था, लेकिन मौका नहीं मिला। निराश हुआ तो सिद्धार्थ ने क्रिकेट छोड़कर किसी दूसरे क्षेत्र में करियर बनाने की सोची, लेकिन क्रिकेट का जुनून इस कदर था कि वही किसी दूसरे क्षेत्र की ओर कदम नहीं बढ़ा पाए। उन्होंने कहा कि जब विजय हजारे ट्रॉफी के लिए हिमाचल टीम में सिद्धार्थ का चयन हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।