हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को 58 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में 23, हमीरपुर आठ, शिमला छह, ऊना पांच, मंडी छह, बिलासपुर तीन, सोलन तीन, सिरमौर दो, किन्नौर और कुल्लू में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। उधर, प्रदेश में 2325 नए कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। इनमें से कांगड़ा जिले में 658, मंडी 301, शिमला 237, हमीरपुर 173, बिलासपुर 173, सोलन 160, चंबा 124, ऊना 165, सिरमौर 177, कुल्लू 77, किन्नौर 61 और लाहौल-स्पीति में 19 नए मामले आए हैं। हालांकि बीते दिनों के मुकाबले आज नए मामले में कमी दर्ज की गई है।
कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 175384 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 141198 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 31519 रह गए हैं। प्रदेश में अब तक 2581संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 2292, चंबा 2007, हमीरपुर 2261, कांगड़ा 10184, किन्नौर 409, कुल्लू 898, लाहौल-स्पीति 223, मंडी 2792, शिमला 3037, सिरमौर 2599, सोलन 2622 और ऊना जिले में 2195 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 4533 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 14440 लोगों के सैंपल लिए गए।
स्वयंसेवी समूहों की मदद लेगी सरकार
प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के चलते प्रदेश में स्वयंसेवी समूहों और गैर सरकारी सगठनों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। स्वयंसेवकों और गैर सरकारी संगठनों की सेवाएं सैंपलिंग से लेकर विभिन्न स्तरों पर ली जाएगा। स्वयंसेवक और गैर सरकारी संगठन कोविड मरीजों को ई-संजीवनी ओपीडी ऐप का उपयोग कर डॉक्टर से परामर्श की सुविधा प्रदान करने, उन्हें होम आइसोलेशन और कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने के लिए मार्गदर्शन भी कर सकेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि किसी कोविड पॉजिटिव मरीज की मृत्यु होने पर गैर सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों की सेवाओं का उपयोग वाहनों की व्यवस्था करने, अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल के बारे में परिवार को संवेदनशील बनाने और बॉयोमेडिकल कचरे के निपटान की व्यवस्था करने के लिए किया जा सकता है।
पंचायतों में रैंडम सैंपलिंग बढ़ाएगी सरकार
हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार रैंडम सैंपलिंग बढ़ाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने की कवायद की जाएगी। वर्तमान में जहां कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले ज्यादा आ रहे हैं, वहां इस तरह का अभियान पहले से चल रहा है। इसे और तीव्र किया जाएगा। राज्य के गांवों में कोरोना वायरस पांव पसार चुका है। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में नियंत्रित करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रदेश के कुछ ब्लॉकों में रैंडम सैंपलिंग का अभियान चल रहा है।
इनमें कोविड-19 के रैपिड एंटीजेन टेस्ट यानी रैट किए जा रहे हैं। इनमें निगेटिव आए कई लोगों को यह सलाह भी दी जा रही है कि वे आरटीपीसीआर के टेस्ट करवा लें। ऐसे में कोरोना वायरस को ट्रेस करने में आसानी हो रही है। इससे लोगों का भी वक्त रहते उपचार हो पा रहा है। ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में ही उपचार कर रहे हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनिल खाची ने भी बताया कि प्रदेश में कोविड-19 की पंचायतों में रैंडम सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। इससे अधिक से अधिक लोगों का समय रहते उपचार किया जा सकेगा।
ईसाई समुदाय के संक्रमित के शव को खिलाड़ियों ने दफनाया
मंडी के उपमंडल जोगिंद्रनगर में सांप्रदायिक भाईचारे की मिसाल देखने को मिली है। शहर की नजदीकी जिमजिमा पंचायत में ईसाई समुदाय के एक व्यक्ति की कोविड से हुई मौत पर जब चार कंधे भी नसीब नहीं हुए तो हिंदू समाज के लोग सामने आए। सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश कर संक्रमित के शव का दफनाकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान खेल प्रशिक्षण संस्थान के खिलाड़ियों ने खूब मदद की।
खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने अपने खिलाड़ियों के साथ न केवल चार कंधे दिए बल्कि ईसाई रीति रिवाज के साथ हराबाग में दफनाया भी। उनके साथ मृतक के बेटे और कुछ नजदीकी रिश्तेदार भी साथ रहे। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार साजन बग्गा ने हरसंभव सहायता उपलब्ध करर्वाई। नायब तहसीलदार ने बताया कि कोविड संक्रमण से जोगिंद्रनगर में समुदाय के व्यक्ति की मौत होने के बाद जब परिवार को छोड़ नजदीकी रिश्तेदारों ने भी किनारा कर लिया तो प्रशासन ने खेल प्रशिक्षण संस्थान के लोगों के साथ मिलकर ईसाई रीति रिवाज से दफनाया।
नाकों पर उम्रदराज पुलिस कर्मियों की नहीं लगेगी ड्यूटी
कोविड के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस मुख्यालय ने एक बार फिर सभी पुलिस अधीक्षकों को उम्रदराज पुलिस कर्मियों की कोविड ड्यूटी न लगाने के लिए कहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वह किसी भी सूरत में किसी बीमार या वृद्ध पुलिस कर्मी को नाका, कोविड मरीज के साथ या लोगों के सीधे संपर्क में आने वाली ड्यूटी पर न भेजें। ऐसा इसलिए किया गया है कि पिछले कुछ समय में कुछ पुलिस कर्मी कोरोना की चपेट में आए थे। जिन्हें फील्ड ड्यूटी पर भेज दिया गया था।
ऐसे में पुलिस कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए वैक्सीनेशन के बावजूद उम्रदराज और बीमार पुलिस कर्मियों को फील्ड ड्यूटी से दूर रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को हर समय मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्ज, फेस शील्ड और जरूरत के मुताबिक पीपीई किट मुहैया कराने को कहा है। इसके अलावा सभी पुलिस कर्मियों को दस्तावेजों की चेकिंग सेल्फी स्टिक की मदद से मोबाइल फोन के जरिये करने को कहा गया है। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जितना हो सके उचित दूरी का ध्यान रखें ताकि किसी को भी संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सके।