हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर बढ़ने लगी है। प्रदेश में गुरुवार को 480 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। 31 दिसंबर, 2021 तक प्रदेश में जहां कोरोना संक्रमण दर 1.03 थी, वहीं अब बढ़कर 3.69 फीसदी हो गई है।सक्रिय मरीजों की संख्या 1655 हो गई है। सरकार ने संभावित तीसरी लहर को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को सैंपल बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला कांगड़ा में गुरुवार को सबसे ज्यादा 170 लोग पॉजिटिव हुए हैं। इनमें नगरोटा बगवां स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मस्सल के 38 विद्यार्थी, जोनल अस्पताल धर्मशाला में छह डॉक्टर, तीन नर्सें और एक वार्ड ब्वाय के अलावा योल कैंट एरिया से 28 लोग, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जसूर के चार कर्मचारी और पुलिस लाइन सकोह के तीन जवान शामिल हैं। वहीं, एनआईटी हमीरपुर के 39 विद्यार्थियों समेत जिले में 62 लोग संक्रमित पाए गए हैं। एनआईटी में ऑफलाइन पढ़ाई बंद कर दी गई है। जिला सोलन में 75 नए मामले आए, जबकि मंडी जिले के सुंदरनगर डेंटल कॉलेज के 14 प्रशिक्षु, आईआईटी मंडी के नौ शोधार्थियों समेत 27 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
कांगड़ा 170
वहीं, प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में चल रहे लंगरों को सरकार के आदेशों के बाद बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वीरवार को चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट का लंगर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है। अब यहां आने वाले मां के भक्तों को मंदिर ट्रस्ट का निशुल्क लंगर नहीं मिल सकेगा। कैबिनेट बैठक में कोरोना से बचाव को लेकर यह निर्णय लिया है। बता दें कि कुछ महीने पहले जब कोरोना के केस कम हुए थे तो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मांग पर हिमाचल में सबसे पहले चिंतपूर्णी मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए ट्रस्ट के लंगर को डेढ़ साल बाद डीसी ऊना के आदेशों के बाद खोला था। इसके बाद बाबा बालक नाथ मंदिर, नयनादेवी मंदिर और अब नव वर्ष पर ज्वालाजी मंदिर प्रशासन ने भी लंगर को खोल दिया था। अब कोरोना के केस बढ़ने और ओमिक्रॉन के खतरे के बीच लंगर को बंद कर दिया गया है। उधर, चिंतपूर्णी मंदिर में तैनात सहायक मंदिर अधिकारी अशोक डोगरा ने कहा कि मंदिर प्रशासन ने सरकार के आदेशों का पालन करते हुए ट्रस्ट के लंगर को बंद करने का निर्णय लिया है।