हिमाचल प्रदेश में शनिवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई। कांगड़ा जिले में 82 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। उधर, प्रदेश के कोरोना के 201 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3593 पहुंच गया है। वहीं, अब तक कोरोना के 214408 मामले आ चुके हैं। इनमें से 209039 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1758 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 113, चंबा 99, हमीरपुर 246, कांगड़ा 385, किन्नौर 35, कुल्लू 73, लाहौल-स्पीति 35, मंडी 369, शिमला 260, सिरमौर 15, सोलन 77 और ऊना में 51 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 223 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 9550 लोगों के सैंपल लिए गए।
वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए आएगी स्वास्थ्य विभाग की कॉल
उधर, कुल्लू जिले के लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को फोन कर इसकी जानकारी मुहैया करवाएगा। जिले में वैक्सीन की पहली डोज लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लगवाने का लक्ष्य पाने में जुटा है। इसके लिए विभाग ने नई पहल की है। अब फोन कॉल से वैक्सीन की दूसरी डोज की लोगों को सूचना मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 570 स्वास्थ्य कर्मियों और आशा वर्करों की ड्यूटी लगाई है। ये कर्मी अपने-अपने क्षेत्र में पहली डोज लगा चुके लोगों की छंटनी करेंगे। इसके बाद वे 84 दिनों का समय पूरा कर चुके लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर फोन कर प्रेरित करेंगे। इसके अलावा लोगों को वैक्सीनेशन केंद्र और वैक्सीन लगवाने की निर्धारित तिथि की भी जानकारी देंगे।
पीरन पंचायत के सात केंद्रों में 863 को लगी वैक्सीन
वहीं, शिमला के मशोबरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पीरन की पीएचसी ट्रहाई में अब तक 863 पात्र व्यक्तियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है जिसमें 160 व्यक्तियों को दूसरी डोज भी दे दी गई है । पीएचसी ट्रहाई के प्रभारी डॉ. आदित्य शर्मा ने शनिवार को बताया कि इस पीएचसी के अंतर्गत सात शिविर लगाए जा चुके हैं तथा पंचायत की करीब 60 प्रतिशत आबादी टीकाकरण अभियान के तहत कवर हो चुकी है। बताया कि बीते कल सातवां शिविर लगाया गया जिसमें करीब पांच लोगों को टीके लगाए गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि जिन 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों ने अभी तक वैक्सीन नहीं लगाई गई है ऐसे पात्र व्यक्तियों के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ।