प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने देश में जीएसटी बढ़ाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इससे लोगों पर महंगाई की मार और बढ़ेगी। पहले ही लोग बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। केंद्र सरकार ने जीएसटी में बढ़ोतरी कर लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक खाद्य पदार्थों को जीएसटी से मुक्त करना चाहिए।
प्रतिभा सिंह ने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और जनहित में जीएसटी की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग की है। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में कृषि व बागवानी को भी जीएसटी के दायरे से भी बाहर करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से सेब कार्टन व पैकिंग मैटीरियल की दरों में की गई बढ़ोतरी को भी वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सरकार जानबूझ कर सेब बागवानों की उपेक्षा कर रही है।
जीएसटी लगाकर आम आदमी की दुश्मन बनी मोदी सरकार : सुक्खू
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डिब्बा बंद, मार्का वाले अन ब्रांडेड खाद्य पदार्थों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई से दाल, चावल, आटा, दही, गेहूं समेत सभी अनाज अब और महंगे हो गए हैं। महंगाई पहले ही सातवें आसमान पर है।
इन पदार्थों के दाम बढ़ने से आम आदमी की कमर ही टूट जाएगी। सुक्खू ने कहा कि इन पदार्थों पर अभी तक कोई जीएसटी नहीं लगता था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आम जनता की दुश्मन बन गई है। कांग्रेस इन पदार्थों पर जीएसटी लगाने का पुरजोर विरोध करती है।
केंद्र सरकार इस निर्णय को वापस ले, अन्यथा जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दाल-दलहन एवं अन्य खाद्यान्नों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का व्यापारी भी जोरदार विरोध कर रहे हैं। घर के लिए पांच व दस किलो पैकिंग में ही आटा खरीदा जाता है। 25 किलोग्राम की पैकिंग पर ही जीएसटी में छूट दी गई है। आम जनता घर के लिए इतना आटा इकट्ठा नहीं खरीदती है।