पाटिल ने कहा कि उन्हें बिलासपुर आकर पता चला की पूरा जिला डेंगू की चपेट में है। यह बेहद हैरानी वाली बात है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के जिले में ऐसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह केंद्र में उठाएंगी। खास तौर पर वह केंद्रीय मंत्री नड्डा से भी सवाल करेंगी।
‘टिकट देना मेरा काम नहीं’- पाटिल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए टिकट देना उनका काम नहीं। पार्टी के आदेश पर वह हिमाचल आई हैं। यहां वह लोगों से मिलेंगी। इसके अलावा पार्टी के नेताओं और नाराज चल रहे लोगों से भी मुलाकात कर रही हैं। टिकट के पैमाने पर उन्होंने कहा कि आम लोगों, कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट पर टिकट का फैसला निर्भर करेगा। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी।
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि लोग आज भी कांग्रेस को पसंद करते हैं। तीन जिलों में कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस के प्रति लोगों के स्नेह को देखा है। मंडी में तो पार्टी का एक भी विधायक नहीं है। लेकिन वहां कांग्रेस का सफल कार्यक्रम हुआ।
पिछले काफी वक्त से चल रही तनातनी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू शुक्रवार और शनिवार को पार्टी की राज्य प्रभारी रजनी पाटिल के सामने एक मंच पर होंगे। शुक्रवार को ठियोग में होने जा रही कांग्रेस की शिमला संसदीय क्षेत्र की पहली जिलास्तरीय बैठक में वीरभद्र भी जाएंगे। उन्होंने खुद इसका कार्यक्रम जारी किया है। कार्यक्रम के मुताबिक वीरभद्र सिंह शनिवार को सोलन भी जाएंगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू को हटवाने पर अड़े वीरभद्र इन बैठकों में कडे़ तेवर अपना सकते हैं, वहीं सुक्खू भी पलटवार की मुद्रा में आ सकते हैं। इस सियासी घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। कांग्रेस की नई प्रभारी रजनी पाटिल इन दिनों हिमाचल में जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठकें ले रही हैं। वह कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर में भी जा चुकी हैं। वीरभद्र इनमें से एक भी बैठक में नहीं गए।
हालांकि, मंडी में जिला कांग्रेस कमेटी के सम्मेलन के निपटने के दूसरे दिन वह वीरवार को वहां पहुंच गए। उन्होंने वहां भी कांग्रेस पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पाटिल ने शुक्रवार के बाद तीन और बैठकें आयोजित करनी हैं। शुक्रवार को शिमला और शनिवार को सोलन मेें आयोजन हैं। इसके बाद रविवार को रजनी पाटिल नाहन में भी बैठक लेंगी।
पाटिल की अध्यक्षता वाली इन जिला बैठकों में शामिल न होने वाले वीरभद्र सिंह की ओर से अब शुक्रवार और शनिवार की बैठकों में मौजूद होने की सूचना प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भी जारी की गई है। इस सियासी घटनाक्रम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धुकधुकी बढ़ा दी है।
लोकसभा चुनाव से पहले हिमाचल कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर है। वीरभद्र-सुक्खू में जुबानी घमासान चल रहा है। वीरभद्र जहां सुक्खू की कार्यशैली पर कई बार सवाल उठा चुके हैं और हाईकमान से उन्हें हटवाने की बात भी कर चुके है, वहीं राहुल गांधी के अभयदान पर चल रहे सुक्खू भी पलटकर जवाब दे रहे हैं।