भाजपा को सवालों के घेरे में लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि देश में लोकतंत्र नहीं होता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 18 राज्यों में भाजपा की सरकारें कैसे बनतीं। उन्होंने चुनाव आयोग जैसी सांविधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन से पहले शिमला में भाजपा की ओर से किए जाने वाले प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में संविधान और सांविधानिक संस्थाओं को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। भाजपा को सवालों के घेरे में लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि देश में लोकतंत्र नहीं होता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 18 राज्यों में भाजपा की सरकारें कैसे बनतीं। उन्होंने चुनाव आयोग जैसी सांविधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
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शनिवार को राजधानी शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में शासन किया, लेकिन कभी सांविधानिक संस्थाओं के साथ छेड़छाड़ नहीं की। लोकतंत्र संविधान के आधार पर चलता है और कांग्रेस इसी संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इन संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिमला के प्रतिष्ठित वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल की बिडिंग को प्रदेश की आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए दावा किया कि इससे सरकार को हर साल 37 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। अगले 20 वर्षों में यह राशि करीब एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति पर अपना अधिकार हासिल किया और इसके एवज में 401 करोड़ रुपये प्राप्त किए। होटल की बिडिंग में लीला होटल्स और ओबेरॉय समूह की कंपनी ईआईएच के बीच प्रतिस्पर्धा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सफल बोली लगाने वाली कंपनी को प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पहले 12 करोड़ रुपये जमा करवाने होंगे। इसके बाद ही बोली को अंतिम रूप से स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रदेश के हित में सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।