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Himachal: सीएम सुक्खू बोले-पूरे प्रदेश में बनेंगे हेलीपोर्ट, पर्यटन के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करेंगे

Wed, 21 Jan 2026 02:13 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 शिमला के संजाैली हेलीपोर्ट को केंद्र से जरूरी मंजूरी के बाद आधिकारिक तौर पर उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। 
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया हेली टैक्सी सेवा का शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजाैली हेलीपोर्ट को केंद्र से जरूरी मंजूरी के बाद आधिकारिक तौर पर उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। इसी के साथ दो कंपनियों ने यहां से हेली टैक्सी सेवाएं शुरू कर दी हैं। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रिकांगपिओ के लिए पहली उड़ान को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया। इस दाैरान हेली टैक्सी को वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया। इस दाैरान पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि यात्री हेली टैक्सी शुरू होने से शिमला से चंडीगढ़ 20 मिनट में पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले के मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट बना रही है। जिला हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा में चार हेलीपोर्ट का काम अगले मार्च-अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। हर हेलीपोर्ट पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे उच्च वर्ग के पर्यटक हिमाचल आएंगे और लोगों की आय भी बढ़ेगी।  कहा कि कांगड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विस्तारीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भूमि अधिग्रहण के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ की जरूरत है जिसका प्रावधान किया जा रहा है। सरकार ने आर्थिक स्थिति को मजबूत करने व आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के कदम उठाए हैं। जल्द ही पर्यटन के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होती जा रही है। इसका फायदा आने वाले समय में पर्यटन उद्योग को होगा। सीएम ने कहा कि हमीरपुर, पालमपुर, चंबा, रक्कड़ में भी हेलीपोर्ट का निर्माण अप्रैल में पूरा कर लिया जाएगा। 

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सीएम ने जयराम के बयान पर किया पलटवार
 सुक्खू ने जयराम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में वैट-जीएससी के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से हर साल 3200 करोड़ रुपये मिलता रहा। लेकिन जून 2022 में इसे बंद कर दिया गया। जयराम के कार्यकाल में आरडीजी 11,10 व 9 हजार करोड़ थी। जबकि हमारे समय में छह हजार करोड़ पिछले साल व इस साल यह 3200 करोड़ रह गई। फिर भी प्रदेश सरकार ने विकास की गति रुकने नहीं दी और न ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन-पेंशन में कमी आने दी। सीएम ने कहा कि जयराम सरकार के समय प्रदेश सरकार को बहुत पैसा मिलता था। लेकिन उन्होंने कभी पर्यटन को अहमियत नहीं दी। उनका ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी का एयरपोर्ट रहा। लेकिन हमारा ड्रीम पोजेक्ट जनता की सेवा करना है।
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जयराम पांच साल तक एक हजार करोड़ का गुणगान करते रहे, लेकिन आज तक मंडी का बल्ह एयरपोर्ट नहीं मिला। हम कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के ताैर पर विकसित कर रहे हैं और कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ की भूमि अधिग्रहण अपने संसाधनों से कर रहे हैं। 1200 करोड़ का मुआवजा प्रभावितों को बांट चुके हैं। बाकि मुआवजा भी जल्द जारी किया जाएगा। प्रदेश में एक हजार सरकारी भवन खाली पड़े हैं। प्रदेश की पिछली सरकार ने प्रदेश की संपदा को लुटाने का काम किया है।  राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आरएस बाली, विधायक नीरज नैय्यर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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