काले रंग का तीन फूल वाला पट्टू, चांदी की बूमणी और लाल रंग का धाठू पहनकर जब महिलाओं ने नाटी शुरू की तो पूरा मालरोड पहाड़ी रंग में रंग गया। रामबाग चौक से दुर्गा मंदिर तक महिलाओं की लंबी कतारें लगी थीं जो वाद्ययंत्रों की मधुर धुन पर कदम से कदम मिला रही थीं। इस ऐतिहासिक दृश्य को देखकर पर्यटक भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। उन्होंने इस पल को अपने कैमरों में भी कैद किया। इस महानाटी के माध्यम से समाज को चिट्टा जैसे घातक नशे से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया गया।
विंटर कार्निवल के दौरान महानाटी दो चरणों में होती है, जिसमें एक दिन राइट बैंक और दूसरे दिन लेफ्ट बैंक के महिला मंडल भाग लेते हैं। सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष बालक राम ठाकुर ने बताया कि दोनों समूहों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को एक लाख रुपये और द्वितीय स्थान पर रहने वाली टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस गरिमामयी अवसर पर विधायक भुवनेश्वर गौड़, एसडीएम रमण कुमार शर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।