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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- स्वास्थ्य संस्थानों में 1,730 करोड़ रुपये से लगेंगे आधुनिक चिकित्सा उपकरण

Mon, 28 Jul 2025 11:19 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में 1,730 करोड़ से आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने का फैसला लिया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में 1,730 करोड़ से आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विभिन्न श्रेणियों के 491 पद सृजित करने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार ने आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा और एम्स चमियाणा में 25-25 करोड़ की लागत से स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने का भी फैसला लिया है। स्वास्थ्य संस्थानों में एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल टांडा कांगड़ा, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला और अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना (एआईएमएसएस) के डॉक्टरों और अन्य संकाय सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर अहम फैसले लिए गए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए 1,730 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीन अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना शिमला में स्थापित हो चुकी हैं और जल्द मशीनों के संचालन के लिए विशेषज्ञ रोबोटिक सर्जनों की भर्ती शुरू करने की तैयारी है। सभी मेडिकल कॉलेजों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में सीटी स्कैन, एक्स-रे यूनिट, अल्ट्रासाउंड मशीन, फेको सिस्टम सहित अन्य उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से अधिक पुराने स्वास्थ्य उपकरणों को बदलने का फैसला लिया गया है। पुराने उपकरणों के स्थान पर भारत के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों के समान अत्याधुनिक मशीनों से बदला जाएगा। दिल्ली के एम्स में इस्तेमाल हो रही एमआरआई मशीनों की तरह ही सरकार 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें खरीद रही हैं। इन मशीनों के परिणाम त्वरित और बेहतर रेजोल्यूशन और इमेज गुणवत्ता के हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्तियां की हैं। 185 से अधिक चिकित्सा अधिकारी, 130 स्टाफ नसों, 67 लैब तकनीशियनों, 45 फार्मासिस्ट अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा हिमकेयर का फायदा
प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत 5.80 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए हैं जिनके मुफ्त इलाज पर सरकार लगभग 810 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। यह योजना उन लोगों की सहायता के लिए है जिनके पास संसाधनों की कमी है, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनाथ, एकल महिलाएं, विधवाएं, बच्चे और अन्य वर्ग इसमें शामिल हैं। सरकारी कर्मचारियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है ताकि योजना का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक मिल सके। हिमकेयर कार्ड अब तिमाही आधार पर मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में जारी किए जाएंगे।
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