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हिमाचल की सियासत में एक और टोपी बन गई चर्चा का विषय

Thu, 04 Jan 2018 01:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
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हरी और लाल टोपी की सियासत के बाद अब सफेद रंग की टोपी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन सकती है। बिना टोपी के सियासी सुर्खियों में आने वाले सीएम ठाकुर जयराम को आखिरकार अपने गृह जिले में टोपी पहननी पड़ी। वह भी सफेद रंग की।

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आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने भाजपा चिन्ह की टोपी जैसे ही भेंट की तो सीएम ने सहर्ष स्वीकार इसे पहन लिया। छोटी काशी मंडी और बिलासपुर की सीमा पर सलापड़ में पहुंचते ही सीएम जयराम ठाकुर ने कमल के फूल लगी मलाणा टोपी पहनी तो टोपियों के रंग की सियासत के मायने बदलने की चर्चा आम हो गई।

हिमाचल में टोपियों के रंग को दशकों से राजनीति से जोड़ा जाता है। हरी टोपी को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तो लाल टोपी को पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल से जोड़ा जाता रहा। अब भाजपा की जयराम सरकार में टोपी का रंग बदल गया है।
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अब टोपी हरी या लाल नहीं है, इस पर पार्टी का चिन्ह आ गया है। सीएम को भाजपा चिन्ह की मलाणा टोपी में देखकर स्वागत के लिए पहुंचे समर्थकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

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बिना टोपी ली थी सीएम पद की शपथ

जयराम ठाकुर ने सीएम पद की शपथ बिना टोपी के ली थी। बिना टोपी पहनकर शपथ लेना भी काफी चर्चा भरा रहा था। हालांकि, ऐसा नहीं है कि जयराम ठाकुर अकसर टोपी पहनते हैं, वे कभी लाल तो कभी अन्य रंगों की टोपी पहने भी देखे जा सकते हैं। अधिकतर बिना टोपी के ही नजर आते हैं। 

बिना टोपी के नजर नहीं आते थे वीरभद्र-धूमल
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल बिना टोपी के सार्वजनिक समारोह में कम ही नजर आते थे। वीरभद्र सिंह को अकसर हरे रंग की किन्नौरी टोपी पहने देखा जा सकता है। प्रेम कुमार धूमल अकसर लाल रंग की टोपी पहने नजर आते हैं।
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