एसपी शिमला सौम्या सांबशिवन
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पुलिस थाने में दूसरे आरोपी राजू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। ये मामला मुंशी दिनेश शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया। बाद में गुड़िया केस और लॉकअप हत्याकांड मामले को सीबीआई को दिया गया तो दिनेश शर्मा ने बयान दिया कि उससे जबरदस्ती ये रिपोर्ट लिखवाई गई।
उसे मालूम ही नहीं है कि सूरज सिंह को किसने मारा। जब वह रात को नौ से 12 बजे के बीच कोटखाई पुलिस थाने में तैनात था तो उस वक्त थाना प्रभारी सूरज सिंह को ऊपरी मंजिल में ले गए थे। फिर जब उसकी ड्यूटी खत्म हुई तो लॉकअप में राजू ही अकेला था।
सीबीआई ने बाद में इस मामले में पहले आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया। बाद में शिमला के पूर्व एसपी को भी गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट में पेश किए गए चालान में भी आरोप लगाया गया कि सूरज सिंह हत्याकांड को पुलिस वालों ने ही अंजाम दिया है। मामले में दिनेश अहम गवाह है। बीते दिनों गुड़िया मामले की लड़ाई लड़ रहे मदद सेवा ट्रस्ट ने भी संतरी दिनेश शर्मा की सुरक्षा का मामला उठाया। अब शिमला पुलिस ने दिनेश शर्मा को बहाल कर दिया है।
शिमला पुलिस ने दिनेश शर्मा के अलावा हेड कांस्टेबल विपिन को बहाल कर दिया है। कोटखाई थाने में तैनात हेेड कांस्टेबल विपिन को भी दिनेश शर्मा की तरह ही सस्पेंड कर दिया गया था। पुलिस हिरासत में हुई हत्या के मामले में सीबीआई को उसका रोल नजर नहीं आया है।