रामपुर उपमंडल और निरमंड खंड के अंतर्गत समेज गांव में बुधवार देर रात समेज खड्ड में अचानक बाढ़ आने से मची तबाही का मंजर यादकर वीरवार रात भी लोग सो नहीं पाए। पिछली रात आई बाढ़ गहरे जख्म दे गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बुधवार रात वह सो रहे थे। अचानक भूंकप की तरह जोर से आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो आंखों के सामने लोग बाढ़ में बह रहे थे पर वह कुछ नहीं कर पाए। उनकी आंखों के सामने अंधेरा सा छा गया। वह लोगों को बचाने के लिए पूरी तरह लाचार थे।
उनका कहना है कि समेज में बिजली की व्यवस्था न होने से अंधेरे में रहना पड़ रहा है। समेज खड्ड के पास उनका घर है, लेकिन तबाही को देखकर रातभर सो नहीं पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को डर सता रहा है कि कहीं दोबारा आपदा न आ जाए। इशरा देवी, सुरेश कुमार और रूप सिंह ने बताया कि ऐसी आपदा आज तक नहीं देखी। उन्होंने दो रातें जागकर बिताई हैं। प्रभावित परिवारों का रहने का प्रबंध प्रशासन ने बुशहर सदन में किया है।