बकरथाच और हामटा-छतडू ट्रैक से रेस्क्यू किए 81 ट्रैकर
मनाली के तहत वाले बकरथाच से 50 और हामटा-छतडू ट्रैक से 31 ट्रैकरों को रेस्क्यू कर लिया गया है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। 25 जून को कुल्लू में हुई भारी बारिश के बाद बकरथाच की तरफ गए थे, लेकिन यहां एक नाले में बाढ़ के बाद ट्रैकर फंस गए। ऐसे में इन्हें रात बकरथाच में ही बितानी पड़ी। हालांकि इनके पास राशन आदि की सुविधा थी। गुरुवार सुबह इन्हें जिला प्रशासन ने रेस्क्यू किया। वहीं दूसरी ओर हामटा दर्रे से छतडू की ओर ट्रैकिंग कर रहा 31 ट्रैकर्स का समूह अपने निर्धारित समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच पाया। सूचना मिलते ही कोकसर से एक रेस्क्यू टीम रवाना हुई। खराब मौसम के बावजूद पुलिस की सतर्कता ने कुछ ही घंटों में सभी 31 ट्रैकरों को खोज लिया। रेस्क्यू के बाद सभी को प्राथमिक चिकित्सकीय जांच के लिए निकटवर्ती केंद्र ले जाया गया। अब उनकी हालत सामान्य है। पुलिस ने ट्रैकरों के परिजनों को भी इसकी तुरंत सूचना दे दी है। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति इल्मा अफरोज ने बताया कि कठिन पर्वतीय इलाके में इस प्रकार की घटनाओं के लिए टीमें हमेशा तैयार रहती हैं। वहीं दूसरी कुल्लू जिले में 27, 28 जून को ऑरेंज अलर्ट है। ऐसे में कुल्लू जिला में आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सफर करें और नदी नालों के समीप न जाएं। उपायुक्त तोरुल एस रविश ने कहा कि पर्यटक खराब मौसम के बीच सावधानी बरतें।
#WATCH | धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश: राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF धर्मशाला पहुंची। मनूनी नदी के पास अचानक आई बाढ़ में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग लापता हैं। pic.twitter.com/5Ptby3AawQ
उधर, कुल्लू में सैंज के जीवानाला में बादल फटने से लापता नंद लाल (72), उनकी बेटी मूर्ति देवी (15) और बहन (67) यान दासी का दूसरे दिन भी सुराग नहीं मिला। इसी बीच, कुल्लू जिले में तीर्थन नदी में एक और व्यक्ति के बहने की सूचना है। नदी में बहने वाला व्यक्ति पर्यटक है या स्थानीय, इसका पता नहीं चल पाया है। मंडी में धर्मपुर के जालपा माता मंदिर के पास ब्यास नदी से बहे एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। बुधवार को भारी बारिश के बीच कुल्लू के बकरथाच और हामटा-छतडू ट्रैक से लापता हुए 81 ट्रैकर रेस्क्यू कर लिए गए हैं। 25 जून को बकरथाच की तरफ गए ये लोग नाले में बाढ़ के बाद फंस गए। सैंज के शैंशर व शांघड़ में फंसे करीब 500 पर्यटकों को भी रेस्क्यू कर उनके घरों को रवाना किया गया।
इतने दिन जारी रहेगा बारिश का दाैर
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26, 27, 29, 30 जून और 1 जुलाई को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 28 जून और 2 जुलाई को राज्य के कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 29 जून के लिए अलग-अलग स्थानों पर भारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकि दिनों के लिए येलो अलर्ट है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर व कांगड़ा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने आठ जिलों चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिले के कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दाैरान बाढ़ की भी चेतावनी जारी की है। बीते 24 घंटों के दाैरान पालमपुर में 76.6, बंजार 75.4, बैराज 55.0, धर्मशाला 40.1, नारकंडा 39.0, शिलारू 33.6, चंबा 32.0, ऊना 30.6, सराहन 28.4, बैजनाथ: 28.0, अंब 26.0 व रामपुर में 25.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसी बीच, जलस्तर बढ़ने और सिल्ट आने से पंडोह बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं। किन्नाैर में सतलुज का जलस्तर बढ़ने से शोंगटोंग परियोजना के बैराज के पास पोवारी में एनएच-पांच ध्वस्त हो गया है। एनएच के करीब 110 मीटर धंसने से यातायात ठप हो गया है। वाहनों को वाया शिल्ती होकर रिकांगपिओ, पूह-काजा की ओर भेजा जा रहा है। जिला कुल्लू में 23 सड़कों के साथ 50 बिजली के ट्रांसफार्मर व 118 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। चंबा में सुबह बारिश से पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे बग्गा के पास करीब पांच घंटे बंद रहा।
धर्मशाला के समीप मनूणी खड्ड में तेज बहाव के बीच बुधवार को नौ लोग लापता हो गए थे। रेस्क्यू टीमों ने लापता लोगों में से पांच शव मनूणी खड्ड से बरामद किए हैं, जबकि एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला है। तीन लोगों की तलाश जारी है। - शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा
पाैंग बांध का जलस्तर बढ़ा, दो बिजली प्रोजेक्टों में उत्पादन ठप
प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वीरवार सुबह बांध का जलस्तर 1292.95 फीट पहुंच गया। बुधवार को जलस्तर 1290.85 फीट था। एक ही दिन में जलस्तर करीब दो फीट बढ़ गया है। बुधवार को पौंग बांध में 16,920 क्यूसिक पानी था, जबकि वीरवार को पौंग बांध में 34,939 क्यूसिक पानी रिकॉर्ड हुआ है। जीवानाला में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से बिजली के तीन बड़े प्रोजेक्टों में उत्पादन ठप हो गया है। एनएचपीसी के 800 मेगावाट के प्रोजेक्ट के डैम में बाढ़ का मलबा भरने से उत्पाद पूरी तरह से बद हो गया है। इसके अलावा 100 मेगावाट के एचपीपीसीएल परियोजना पर भी असर पड़ा है। डैहर पावर हाउस में उत्पादन ठप हो गया है।
आमजन के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे डीसी : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मानसून के दौरान मौसम की विपरीत परिस्थितियों के दृष्टिगत सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और आमजन के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वीरवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में मौसम की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों से आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी-नालों के निकट रह रहे लोगों विशेषकर प्रवासी मजदूरों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर पुनर्वास करने को कहा। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बारिश के मौसम में नदी-नालों के समीप नहीं जाने को लेकर एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना सरकार को शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष मॉनसून के कारण जल विद्युत परियोजनाओं को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। इनकी सुरक्षा के लिए एक समग्र रणनीति बनाई जाए, जिससे इन परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग-505 और एनए-3 पर भूस्खलन पर अभी भी कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध है। कुल्लू जिले में सैंज घाटी के मझान नाला में बादल फटने की घटना के बाद सैंज, पार्वती और लारजी जल विद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान के दृष्टिगत इन परियोजनाओं को बंद कर दिया गया है और गेट खोल दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, आशीष बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विशेष सचिव राजस्व डीसी राणा और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी इस बैठक में उपस्थित रहे।