कांगड़ा एयरपोर्ट की टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट दो महीने में तैयार होगी
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट को दो माह के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के लिए सक्षम सलाहकार नियुक्त करने और निर्धारित समयावधि में रिपोर्ट तैयार करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि टेक्नो इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट दो माह में तैयार हो जाती है, तो कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलेगी और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से परियोजना की लागत का यथार्थपरक आकलन करने का भी आग्रह किया।
हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने पर सहमति
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विकसित किए जा रहे हेलीपोर्ट के मुद्दे को भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध करवाने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए हेलीपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने हेलीपोर्ट निर्माण के लिए केंद्र से सहयोग का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने उड़ान योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
नियमित उड़ानों के संचालन पर भी चर्चा
बैठक में शिमला एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों के संचालन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने शिमला को नियमित हवाई संपर्क उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। शिमला एयरपोर्ट की रनवे क्षमता के अनुरूप उपयुक्त विमानों के संचालन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के स्थान पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपने का आग्रह भी किया। केंद्रीय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।
दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार, शिमला एयरपोर्ट से नियमित हवाई संपर्क और प्रदेश में हेलीपोर्ट नेटवर्क को सदृढ़ करने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार तथा केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।