जिला शिमला के नारकंडा का हाटु पीक क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा। नारकंडा से हाटु पीक के लिए सरकार रोप-वे बनाएगी। रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। 10 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले पर चर्चा होगी। रोप-वे पीपीपी मोड से बनाया जाएगा। रोप-वे बनने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। नारकंडा से हाटु पीक की दूरी करीब 6 किलोमीटर है।
रोप-वे बनने से पर्यटक डेढ़ किलोमीटर का रोमांच भरा सफर करते हुए हाटु पीक पहुंचेंगे। बर्फबारी के दौरान नारकंडा और हाटु पीक का नजारा और भी खूबसूरत होता है। कुल्लू, मनाली और रोहतांग जाने वाले सैलानी अकसर हाटु पीक जाते हैं। ऐसे में सरकार ने इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का फैसला लिया है। सरकार यह रोप-वे पीपीपी मोड से बनाएगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसके निर्माण को लेकर निविदाएं आमंत्रित करेगी।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह और परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, दिवाली के दौरान एक सप्ताह स्कूल बंद रखने पर चर्चा होने के आसार हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए संक्रमण रोकने की नई रणनीति भी सरकार बना सकती है। सैंपल लेने की संख्या बढ़ाने पर भी फैसले हो सकता है।
मंगलवार को मंत्रिमंडल की अंतिम ऑफलाइन बैठक होगी। इसके बाद आगामी सभी बैठकें ई-कैबिनेट सॉफ्टवेयर की मदद से आयोजित होंगी। एप और सॉफ्टवेयर की मदद से पेपरलेस बैठकें हुआ करेंगी। इसमें बैठक का एजेंडा ऑनलाइन ही मंत्रियों के पास पहुंचेगा। बुधवार को सचिव स्तर के अधिकारियों को इस सॉफ्टवेयर की आखिरी ट्रेनिंग दी जाएगी।