मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए।प्रदेश सरकार ने पांगी में 449 मेगावाट की क्षमता वाला डुग्गर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) को सौंप दिया है।
मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रोजेक्ट को 70 साल के लिए बिल्ट ऑन ऑपरेट ट्रांसफर (बीओओटी) आधार पर एनएचपीसी को देने का फैसला लिया गया। निर्धारित अवधि के बाद प्रोजेक्ट प्रदेश सरकार के अधीन आ जाएगा।
बीते चार साल से इस प्रोजेक्ट को लेने के लिए कोई भी निवेशक रुचि नहीं दिखा रहा था। जयराम सरकार द्वारा प्रदेश की ऊर्जा नीति में संशोधन करने के बाद एनएचपीसी ने इस प्रोजेक्ट को लेने के लिए सरकार को ऑफर दिया था।
इसी कड़ी में मंगलवार को मंत्रिमंडल ने एनएचपीसी को 70 साल के लिए प्रोजेक्ट देने को हरी झंडी दी है। डुग्गर प्रोजेक्ट का चंबा के पांगी में चिनाब नदी पर निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट के लगने से रोजगार के कई नए अवसर पैदा होंगे। सरकार को रॉयल्टी के तौर पर बिजली भी मिलेगी।
नशे के सौदागरों पर ऐसे लगी लगाम
हिमाचल में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए। गृह व पुलिस विभाग की नार्कोटिक्स संबंधित करीब एक घंटे की प्रेजेंटेशन देखने के बाद जयराम मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि तस्करों की धरपकड़ के लिए प्रदेश स्तर पर एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की जाएगी।
एसटीएफ प्रदेश भर में कहीं भी नशीले पदार्थ की तस्करी या किसी नामी तस्कर की सूचना पर कार्रवाई करने में सक्षम होगी। मंत्रिमंडल ने गृह विभाग को निर्देश दिए कि समय-समय पर पड़ोसी राज्यों संग महानिदेशक स्तर की बैठकें कराए ताकि नशे के कारोबार पर संयुक्त अभियान के जरिये नकेल कसी जा सके। साथ ही विभिन्न प्रदेशों की पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया।
इससे पहले मंत्रियों ने एक राय होकर शिक्षा, स्वास्थ्य पुलिस और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों को संयुक्त अभियान चलाकर नशे के खतरे से निपटने के लिए आदेश दिए। अभियान में पंचायतों, महिला मंडलों, अभिभावकों, स्कूली बच्चों और शिक्षकों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने को कहा। मंत्रिमंडल ने परंपरागत भांग की खेती करने वालों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
प्रेजेंटेशन के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल के अलावा डीजीपी सीताराम मरडी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।मंत्रिमंडल ने एनडीपीएस एक्ट में कई तरह के संशोधनों की पुलिस की दलील पर सहमति जताई। साथ ही एक्ट में कई बदलावों को करने के लिए मंजूरी दी। अब पुलिस विभाग अगले कुछ समय में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजेगा जिसे मानसून सत्र में ही पास कराकर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
किसानों के इन योजनाओं को लागू करने की मंजूरी
हिमाचल में अगर तीन से ज्यादा किसान सोलर फेंसिंग करेंगे तो उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। कोई व्यक्तिगत तौर पर सोलर फेंसिंग करना चाहे तो उसे 80 फीसदी उपदान मिलेगा।
हिमाचल में किसानों को राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने राज्य में ‘मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना’ और ‘मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस जीर्णोद्धार योजना’ के कार्यान्वयन को भी मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस जीर्णोद्धार योजना के तहत किसानों को पॉलीहाउसों की क्षतिग्रस्त पॉलीशीट बदलने को 50 प्रतिशत के वर्तमान अनुदान के स्थान पर 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान मिलेगा।
पांच लाख लोगों का होगा पांच लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज
हिमाचल प्रदेश में करीब पांच लाख चयनित परिवारों का पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इसके लिए आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन को लागू करने करने को मंजूरी दे दी।
इन चयनित परिवारों का इलाज करवाने के लिए 175 अस्पतालों को चुना गया है। इस स्कीम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शिमला में हाल ही में लांच किया था।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह अहम फै सला लिया गया। प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार से संबद्धता प्राप्त या सेवानिवृत्त संबद्धता प्राप्त पत्रकारों को मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में वित्तीय सहायता बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी।
उन्हें मौजूदा 50 हजार रुपये के बजाय ढाई लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। मंत्रिमंडल ने यह भी फै सला लिया कि इसके लिए वार्षिक पारिवारिक आय के 1.80 लाख रुपये होने की शर्त को भी खत्म कर दिया जाएगा।
जीएसटी को लेकर कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला
कैबिनेट ने प्रथम जुलाई, 2017 से पूर्व चल रहे ठेके के कार्यां के लिए जीएसटी के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने ठेकेदारों का मनोबल बढ़ाने के लिये तथा कार्यों को जल्द पूरा करने के लिये 50 लाख रुपये से अधिक की लागत के कार्यों के लिये प्रमाणित बोली दस्तावेज में प्रोत्साहन उप-नियम लागू करने का निर्णय लिया।
ठेकेदारों को निर्माण स्थल पर मलबे को उपयोगी सामग्री में परिवर्तित करने के लिए क्रशर स्थापित करने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया ताकि सामग्री को निर्माण कार्यों में पुनः उपयोग में लाया जा सके। बैठक में ठेकेदारों को निजी तौर पर खुले बाजार से टोर स्टील, तारकोल, सीजीआई/पीजीआई शीट्स जैसी विभिन्न सामग्री प्रापण करने की अनुमति देने को स्वीकृति प्रदान की गई।
संबंधित कार्यकारी अभियंता द्वारा जारी परमिट के विरूद्ध ठेकेदार नागरिक आपूर्ति निगम से सीमेंट का स्वयं प्रापण करेगा। ठेकेदारों को सामग्री का अपने स्तर पर प्रापण करने अनुमति दी गई है ताकि ठेकेदारों को लोक निर्माण विभाग के भंडारों से आपूर्ति की कमी के चलते कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा विभिन्न कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना सुनिश्चित बनाया जा सके।
मिड डे मील वर्करों और पत्रकारों को तोहफा
कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत तैनात किए गए कुक एवं हैल्परों के मानदेय को पहली अगस्त 2018 से मौजूदा 1500 रुपये से बढ़ाकर 1800 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया। इससे 22000 लोगों को लाभ मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पत्रकार कल्याण योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकारों तथा मान्यता प्राप्त सेवानिवृत पत्रकारों को चिकित्सा आपात के मामलों में वित्तीय सहायता मौजूदा 50000 रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने को स्वीकृति प्रदान की है।
जेआईसीए परियोजना को मिलेगी प्रयाप्त श्रमशक्ति
बैठक में राज्य के छह जिलों बिलासपुर, शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर तथा लाहौल-स्पिति में जिका के सहयोग से कार्यान्वित की जाने वाली ‘हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकीय प्रबंधन और आजीविका सुधार’ परियोजना के कार्यन्वयन के लिये
पर्याप्त श्रम शक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना से इन 6 जिलों में सतत् वन पारिस्थितिकीय प्रबंधन, सतत् जैव विविधिकरण प्रबंधन एवं आजीविका सुधार में सहयोग मिलेगा।
भाखड़ा बांध विस्थापितों की दीर्घकालीन मांगों के समाधान के उद्देश्य से कैबिनेट ने विस्थापितों तथा उनके परिवारों को अधिकतम राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है तथा नीति में आवश्यक संशोधन को स्वीकृति प्रदान की।
चीड़ पत्ती उद्योग के लिए नीति को मंजूरी
जयराम मंत्रिमंडल ने बहुप्रतीक्षित चीड़ पत्ती उद्योग के लिए नीति को मंजूरी दे दी है। वन विभाग विभिन्न माध्यमों से इन चीड़ के पेड़ों से गिरी पत्तियों को इकट्ठा कर संबंधित उद्योगों को उपलब्ध कराएगा, जो इसका उपयोग विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार करने में करेंगे।
मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात को भी मंजूरी दी गई कि निवेश करने वाले उद्योगों को पचास प्रतिशत सब्सिडी दी जाए। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद उम्मीद की जा सकती है कि जंगलों में लगने वाली आग में अगले साल कमी आएगी और चीड़ पत्ती से जुड़े नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने राज्य वन निगम में स्वीकार न होने वाली लकड़ी को विभिन्न विभागों में होने वाले विकास कार्यों में उपयोग में लाने से संबंधित नीति को भी मंजूरी दे दी। यानी वन निगम के लिए अनुपयोगी लकड़ी को अब विभाग कुछ रकम चुकाकर ईंधन और विकास कार्य में उपयोग कर सकेंगे।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने छह जिलों में जापानी वित्तीय एजेंसी की मदद से लागू होने वाले हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट ईको सिस्टम मैनेजमेंट एंड लाइवलिहुड इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त श्रमशक्ति मुहैया कराने के लिए भी मंजूरी दी गई है।
पदों को भरने की मंजूरी
कैबिनेट ने सहकारिता विभाग में दैनिक भोगी आधार पर वाहन चालकों के तीन पद तथा चतुर्थ श्रेणी के 45 पदों को भरने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में अनुबंध आधार पर प्रयोगशाला परिचारकों के 18 पद भरने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षमों के सशक्तिकरण विभाग मेंकर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से कंप्यूटर आप्रेटरों के 12 रिक्त पद तथा आईटी प्रोग्रेमर का एक पद अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया।
बैठक में कृषि विभाग में दैनिक भोगी आधार पर वाहन चालकों के 10 रिक्त पदों को भरने का फैसला लिया गया।योजना विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 6 पद भरने का निर्णय लिया।
इन फैसलों पर भी लगी मुहर
मंत्रिमंडल ने बिलासपुर के पशु औषद्यालय घुवांडल को आवश्यक स्टाफ सहित पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने को अपनी मंजूरी प्रदान की। इससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा।
बैठक में कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत दगोह को पुलिस स्टेशन बैजनाथ से बाहर कर इसे पुलिस स्टेशन लम्बागांव के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया ताकि इस ग्राम पंचायत के लोगों को सुविधा प्राप्त हो सके।
विधानसभा का मानसून सत्र 23 से 31 अगस्त तक
प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 23 से 31 अगस्त बुलाया जाएगा। इस बार मानसून सत्र में कुल सात बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां सचिवालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
सात दिन तक विधानसभा का मानसून सत्र चलेगा। इस सत्र के दौरान सात बैठकें होंगी। सत्र में सरकारी और गैर सरकारी संकल्प भी लाए जाएंगे। ब्यूरो
बाइक और मैक्सी कैब किराये पर देने को लेना होगा लाइसेंस
हिमाचल के पर्यटन स्थलों और बाहरी राज्यों के लिए बाइक और मैक्सी कैब किराये पर देने के लिए सरकार लोगों को लाइसेंस देगी। अभी लोग अपना कारोबार करने के लिए पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों को किराये पर मोटरसाइकिल और मैक्सी कैब उपलब्ध कराते रहे हैं।
इसमें लोगों की तो चांदी हो रही थी, लेकिन सरकार के खजाने में कुछ नहीं आ रहा था। इसके चलते सरकार ने लाइसेंस लेने की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा।
मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कैब योजना-1999 और मोटरसाइकिल योजना-1997 को किराये पर लेने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत कैब हायर करने के लिए हर वर्ष 40 हजार रुपये, जबकि बाइक के लिए 20 हजार रुपये लिए जाएंगे।
इस योजना के तहत 50 मोटर वाहनों और मोटरसाइकिल योजना के तहत पांच मोटरसाइकिलों के फ्लीट वाली इच्छुक पार्टियों को लाइसेंस मिलेंगे।
अब गरीबों के आवास के लिए मिलेगा 1.30 लाख
हिमाचल में गरीब रेखा से नीचे रह रहे लोगों के आवास को 1.30 लाख रुपये की राशि मिल पाएगी। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को मंत्रिमंडल ने इस योजना को लागू करने की मंजूरी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। इस योजना के मुताबिक सरकार ने 42 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रखा है। इसके तहत सामान्य श्रेणी के बीपीएल परिवारों को आवास सहायता प्रदान की जाएगी।
प्राकृतिक आपदाओं के कारण अकसर लोगों के आवास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त आवासों के पुनर्निमार्ण के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं को स्वरोजगार पर अब 25 फीसदी उपदान देगी सरकार
प्रदेश में सेवा और व्यापार क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए जयराम मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना लागू करने को मंजूरी दे दी। इस योजना से प्रदेश के 18 से 35 साल के युवाओं को लाभ मिलेगा।
योजना में खुदरा व्यापार अथवा दुकान, रेस्टोरेंट, टूर ऑपरेटर, साहसिक पर्यटन, परंपरागत शिल्प जैसे कार्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना का एलान किया था।
इसके बाद से युवाओं की नजर मुख्यमंत्री की इस योजना पर थी। मंगलवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को हरी झंडी मिलने के बाद युवाओं को इससे खासा फायदा होगा।
योजना में व्यापार तथा सेवा कार्य शुरू करने के लिए जमीन और भवन क्रय पर वर्तमान 6 प्रतिशत की बजाय तीन प्रतिशत की दर से स्टैंप ड्यूटी ली जाएगी। यही नहीं, भूमि और मकान को छोड़कर तीस लाख तक के निवेश पर 25 प्रतिशत उपदान सरकार देगी।
महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए योजना में उपदान 30 प्रतिशत रखा गया है। वहीं, 30 लाख तक के लोन पर तीन साल के लिए पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान भी सरकार देगी। प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 75 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।