सांगला तहसील के सेरिगचे गांव के नजदीक नाले में बाढ़ से वन विभाग का पुल, सुरक्षा दीवार और कई सिंचाई कूहलें टूटने से लाखों का नुकसान हुआ है।
शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर और सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से मंगलवार तक बारिश जारी रही।
इससे नदी-नाले उफान पर हैं। चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर छोटे डंगे लगाने को सीधी कटिंग करने के चलते सड़क पर बार-बार मलबा गिर रहा है। हालांकि निर्माण एजेंसी ने एहतियातन एक लेन आवाजाही के लिए बंद कर दी है।
भराड़ीघाट में सोमवार देर शाम बादल फटने के बाद प्रशासन की टीम मंगलवार सुबह ही राहत व बचाव कार्य में जुट गई। चंबा जिले के कई गांवों में मक्की की फसल नष्ट हो गई।
चंबा-चुवाड़ी जोत मार्ग कालीघार के पास अल सुबह कुछ देर यातायात बाधित रहा। कुल्लू में 33 सड़कें प्रभावित और पांच बंद हैं। जिले में अब तक करीब 2.12 करोड़ का नुकसान हो चुका है। ब्यास नदी उफान पर है।
मंडी के सराज क्षेत्र के कई सड़क मार्ग अवरुद्ध रहे, जिन्हें दोपहर बाद बहाल किया गया। सोन खड्ड उफान पर है। सुंदरनगर में बोबर मार्ग पर दो दिन पहले बना डंगा धंसने से आवाजाही ठप रही।
राजधानी शिमला के विकासनगर में डंगा ढहने से दो वाहन मलबे में दब गए। इससे विकासनगर-आंजी सड़क पर यातायात बंद रहा। एचआरटीसी के धर्मशाला डिपो की वर्कशाप के पास भूस्खलन से कुछ पेड़ कभी भी गिर सकते हैं।
सोमवार रात और मंगलवार सुबह आठ बजे तक गोहर में सबसे अधिक 156 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। सरकाघाट में 127, सुजानपुर में 104, सुंदरनगर में 74, भोरंज में 70, अर्की में 56, जोगिंद्रनगर में 50, पंडोह में 42, झंडूता में 40, कंडाघाट
-करसोग में 39, शिमला में 36, पालमपुर-रोहड़ू में 35, बैजनाथ में 34, हमीरपुर में 33, डलहौजी में 23, मंडी में 21 और मशोबरा-कुफरी में 15 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार और वीरवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई स्थानों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 30 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।