मंत्रिमंडल ने शनिवार के मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने का फैसला लिया है ताकि हिमातल की मूल विधवा उद्यमियों को अपना कोराबार करने का मौका मिल सके। विधवा उद्यमी को अनुदान राशि 35 फीसदी मिलेगी और आयु सीमा 45 साल तक रहेगी। इस योजना से करीब साठलाख तक का ऋण कारोबार शुरू करने के लिए लिया जा सकता है। अनुदान राशि की अधिकतम सीमा 10 लाख से अधिक नहीं रहेगी।
साधारण उद्यमी के लिए अनुदान 25 फीसदी है और महिलाओं के लिए 30 फीसदी अनुदान है। प्रदेश में पिछले साल इस योजना से करीब 900 लोगों ने लाभ उठाया था और अभी तक कुल 1600 लोगों को योजना से स्वावलंबी बनाया जा चुका है। निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा ने बताया कि अभी तक विधवा उद्यमियों को अन्यों के बराबर उपदान दिया जाता था परंतु अब विधवा उद्यमियों को सबसे अधिक अनुदान मिलेगा। साठ लाख के ऋण में मशीनरी आदि के लिए रहता है। योजना के तहत स्वीकृत इकाइयां में बैंक के आवंटित की गई ऋण की पहली किस्त के एक वर्ष भीतर विनिर्माण और सेवा उपक्रमों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होगा।