कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते सीएम जयराम
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हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों अस्थायी जलरक्षकों को नियमित करने का राज्य मंत्रिमंडल ने नया रास्ता निकाल दिया है। कैबिनेट ने फैसला लिया कि सरकार जलरक्षकों को अनुबंध आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाएगी।
हालांकि इसके लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार उनकी पात्रता की भी शर्त रखी है। इनके लिए आईपीएच में चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न 1026 पदों को खाली किया जाएगा। इन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों का पंप अटेंडेंट में बदला जाएगा।
इस फैसले का लाभ उन जल रक्षकों को मिलेगा, जो आठवीं या दसवीं पास हैं और पूर्व में आरएंडपी रूल के तहत भर्ती हुए थे। वर्तमान में पंचायतों में कुल 6500 जलरक्षक तैनात हैं और पिछले 12 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इनमें से कई जलरक्षक 45 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं। सरकार ने इनके लिए योग्यता आठवीं पास रखी थी, लेकिन कई जलरक्षक आठवीं पास नहीं हैं। इन्हें 2100 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।