सुक्खू सरकार की ओर से कैबिनेट में एटिक का साइज बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर भाजपा ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पूर्व में भाजपा सरकार में मंत्री रहे शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर शिमला में आचार संहिता लगी है। दूसरी ओर एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई से ज्यादा मंजिलों के निर्माण पर रोक लगाई है। नगर निगम चुनाव के चलते लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कांग्रेस सरकार ने यह फैसला लिया है। यह सीधे एनजीटी के आदेश के अवहेलना हुई है। यह मालूम रहे कि राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 में संशोधन को मंजूरी दी है।
अब भवन के एटिक (छत) के ऊंचाई 3.05 मीटर (10 फीट) होगी। पहले इसकी ऊंचाई 2.70 (करीब सात फीट) मीटर थी। बड़ी बात यह है कि पहले एटिक को मंजिल नहीं माना जाता था। अब मंजिल मानने के साथ - साथ लोग एटिक को रहने योग्य बना सकेंगे। इसमें बिजली और पानी के कनेक्शन भी लगा सकेंगे। यह व्यवस्था पुराने भवनों पर भी लागू होगी। उन भवनों को भी नियमित किया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस फैसले से हजारों भवन मालिकों को फायदा होगा। पहले एटिक में कमरे बनाने की अनुमति नहीं थी। अगर कोई भवन मालिक एटिक के सेंटर से ऊंचाई बढ़ता था तो उनके भवनों को नियमित नहीं किया जा सकता था।