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Himachal Cabinet Decisions: प्रवक्ताओं के 530 पद भरने की मंजूरी, एटिक को माना जाएगा मंजिल, जानें बड़े फैसले

Thu, 13 Apr 2023 10:56 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

मंत्रिमंडल  ने सीधी भर्ती के माध्यम से विभिन्न विषयों के प्रवक्ताओं (स्कूल न्यू) के 530 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने निर्धारित वेतन (एमोल्यूमेंट्स) पर भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमावली के नियम-4 एवं नियम 15-ए के तहत उपयुक्त संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
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हिमाचल कैबिनेट की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में अब एटिक को मंजिल माना जाएगा। प्रदेश कैबिनेट  की बैठक में भवन की एटिक मंजिल की ऊंचाई 3.05 मीटर यानी दस फीट से ज्यादा करने को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में लाखों भवन मालिकों को फायदा होगा। अब पुराने भवनों की एटिक मंजिलें भी नियमित होंगी।  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में आम जनता की सुविधा के लिए एटिक फ्लोर को रहने योग्य बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम-2014 में संशोधन को स्वीकृति दी। कैबिनेट  ने निर्णय लिया कि इससे एल्यूमिनियम, प्लास्टिक और लैड यानी शीशे पर पहली बार 50 पैसे प्रति किलो की दर से अतिरिक्त वस्तु कर लगेगा। पहले ये उत्पाद इस कर से बाहर थे।

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ओपीएस के एसओपी को सैद्धांतिक मंजूरी
कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन स्कीम यानी ओपीएस के एसओपी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। मई से सरकारी कर्मचारियों के वेतन से एनपीएस का शेयर नहीं कटेगा। छत्तीसगढ़ और राजस्थान दोनों राज्यों की योजनाओं का अध्ययन कर ओपीएस के एसओपी के ड्राफ्ट पर चर्चा हुई। जल्दी ही इसकी अधिसूचना जारी करने का भी फैसला लिया गया है। अधिसूचना में ही ओपीएस को लेकर पूरी स्थिति साफ होगी। 

ड्रग्स और कॉस्मेटिक उत्पाद तैयार करने वाली कंपनियों की सालाना फीस बढ़ाकर डेढ़ लाख की 
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश नशीली दवाएं एवं मादक पदार्थ नियम-1989 के नियम-50 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। फार्मास्यूटिकल यूनिट्स या मेडिकल यूनिटों के लिए एमडी-6 लाइसेंस होता है। इसके तहत राजस्व बढ़ाने की दिशा में उठाए इस कदम से अब वार्षिक लाइसेंस शुल्क डेढ़ लाख रुपये होगा। ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स का उत्पादन करने वाली कंपनियां इसके दायरे में आएंगी। 1989 में जब इस एक्ट को बनाया गया था तो यह शुल्क नाममात्र का था। इसके लिए सालाना फीस 2,000 रुपये थी। अब इसे बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है। इससे प्रदेश 50 लाख की आमदनी होगी।
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पैरा फिटर और बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं की अनुबंध जैसी बेहतरीन नीति से होंगी नियुक्तियां
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने अनुबंध सेवा की अवधि एवं वेतन (एमोल्यूमेंट्स) को समय-समय पर अधिसूचित करने के लिए मंजूरी दी है। इसमें पैरा फिटर, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं की अनुबंध जैसी बेहतरीन नीति से नियुक्तियां की जाएंगी। विभाग अपने-अपने स्तर पर भर्तियां कर पाएंगे, लेकिन यह भर्ती प्रक्रिया ऐसी होगी, जिससे कर्मचारियों को भविष्य में अनुबंध पर लाने या नियमित करने से संबंधित कोई खास परेशानी नहीं होगी। निर्धारित वेतन (एमोल्यूमेंट्स) पर भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमावली के नियम-4 एवं नियम 15-ए के तहत उपयुक्त संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।

लेक्चरर स्कूल न्यू के 530 पद लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे  
विभिन्न विषयों के लेक्चरर स्कूल न्यू के 530 पद सीधी भर्ती से भरने का निर्णय लिया है। ये पद राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। इन पदों पर नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों को दूरदराज के क्षेत्रों में रिक्त पदों पर प्राथमिकता दी जाएगी। 

पुलिस उपाधीक्षकों के दो पद नियमित आधार पर भरेंगे
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती के आधार पर पुलिस उपाधीक्षकों के दो पदों को नियमित आधार पर भरने को स्वीकृति दी है। इसके अलावा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में बड़ोग वाले भाग में निर्माण हो रहा था। बड़ोग में निर्माण वाले क्षेत्र को भी बढ़़ाया गया है। कैबिनेट ने आर्म्सडेल के फेज थ्री भवन को नियमित करने का निर्णय लिया है, जिसमें पार्किंग है। 

ये भी पढ़ें: हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- 7,000 विधवा और एकल नारियों को घर बनाने के लिए मिलेंगे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये

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एटिक का साइज बढ़ाने से आचार संहिता और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना : भारद्वाज

सुक्खू सरकार की ओर से कैबिनेट में एटिक का साइज बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर भाजपा ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पूर्व में भाजपा सरकार में मंत्री रहे शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर शिमला में आचार संहिता लगी है। दूसरी ओर एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई से ज्यादा मंजिलों के निर्माण पर रोक लगाई है। नगर निगम चुनाव के चलते लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कांग्रेस सरकार ने यह फैसला लिया है। यह सीधे एनजीटी के आदेश के अवहेलना हुई है। यह मालूम रहे कि राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 में संशोधन को मंजूरी दी है।

अब भवन के एटिक (छत) के ऊंचाई 3.05 मीटर (10 फीट) होगी। पहले इसकी ऊंचाई 2.70 (करीब सात फीट) मीटर थी। बड़ी बात यह है कि पहले एटिक को मंजिल नहीं माना जाता था। अब मंजिल मानने के साथ - साथ लोग एटिक को रहने योग्य बना सकेंगे। इसमें बिजली और पानी के कनेक्शन भी लगा सकेंगे। यह व्यवस्था पुराने भवनों पर भी लागू होगी। उन भवनों को भी नियमित किया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस फैसले से हजारों भवन मालिकों को फायदा होगा। पहले एटिक में कमरे बनाने की अनुमति नहीं थी। अगर कोई भवन मालिक एटिक के सेंटर से ऊंचाई बढ़ता था तो उनके भवनों को नियमित नहीं किया जा सकता था।
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