हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ग्रीन एरिया में भी अब लोग भवन निर्माण कर पाएंगे। हालांकि, जिन जगहों पर पेड़ नहीं होंगे, वहीं पर निर्माण की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने शिमला विकास योजना में संशोधित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला लिया गया है। शहर में साल 2017 से ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक लगा रखी है।
हालांकि, अब शिमला के लिए तैयार की गई विकास योजना में ग्रीन एरिया में निर्माण की छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ग्रीन एरिया में सिर्फ रिहायशी मकान बनाए जा सकेंगे। ये भी ढाई मंजिल तक ही होंगे। मंत्रिमंडल ने योजना में संशोधन का फैसला लिया है कि सर्कुलर रोड से ऊपर ग्रीन एरिया में शामिल नवबहार, रामचंद्र चौक, मच्छी वाली कोठी, रिज चर्च से लक्कड़ बाजार, आईजीएमसी, संजौली चौक से वापस नवबहार तक जहां पेड़ नहीं हैं, वहीं पर निर्माण की अनुमति दी जाएगी। इससे उन सैकड़ों लोगों को राहत मिलेगी जो अभी तक भवन निर्माण नहीं करवा सके हैं।
नालों और खड्डों से इतनी दूरी पर होगा भवन निर्माण
मंत्रिमंडल बैठक में हिमाचल नगर एवं ग्राम योजना नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। पहले नाले से तीन और खड्डों से पांच मीटर दूरी पर भी भवन निर्माण किया जा सकता था। प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए सुक्खू सरकार ने फैसला लिया कि अब इस दायरे में भवन निर्माण नहीं होगा।