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हिमाचल बजट सत्र: अयोग्य घोषित विधायकों को अब नहीं मिलेगी पेंशन, सदन में संशोधन विधेयक पेश

Wed, 01 Apr 2026 10:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

विधानसभा में नया संशोधन विधेयक पेश हुआ। यह विधेयक बजट सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को पारित होगा।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मौजूदा 14वीं विधानसभा और इसके बाद की विधानसभाओं में चुने गए अयोग्य घोषित विधायकों को अब पेंशन नहीं  मिलेगी। यह व्यवस्था पिछली विधानसभाओं के अयोग्य घोषित विधायकों पर लागू नहीं होगी। विधानसभा में नया संशोधन विधेयक पेश हुआ। यह विधेयक बजट सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को पारित होगा। राष्ट्रपति से मंजूरी न मिलने पर विधायकों की पेंशन बंद करने का पिछला संशोधन विधेयक वापस लेने का सदन में प्रस्ताव रखा गया, इसे पारित करने के बाद अगला संशोधन विधेयक सदन में रखा गया।  पंचायत चुनाव पर विपक्ष के हंगामे के बाद सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में विधानसभा सदस्यों के भत्ते एवं पेंशन संशोधन विधेयक 2026 को सदन में रखा गया। इससे पहले सीएम संशोधन विधेयक 2024 को सदन के पटल पर रखते हुए इसे वापस लेने का प्रस्ताव रखा। इस विधेयक की धारा 6 ख में संशोधन का प्रस्ताव करते हुए यह प्रावधान जोड़ा गया कि किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी कोई व्यक्ति जो 14वीं विधानसभा या उसके बाद सदस्य के रूप में निर्वाचित होता है तो वह इस अधिनियम के तहत पेंशन का हकदार नहीं होगा। संशोधन विधेयक में कहा गया कि इसे सांविधानिक पाप के निवारण के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के भत्ते एवं पेंशन अधिनियम में संशोधन आवश्यक हो गया है। 

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मंजूरी मिलने पर बंद होगी चैतन्य और भुट्टो की पेंशन
संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली तो गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और देवेंद्र कुमार भुट्टो की पेंशन बंद होगी। अन्य पर अभी स्थिति अस्पष्ट है। 2024 में कुल छह विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ हो लेने के बाद दल बदल कानून के कारण अयोग्य घोषित हुए थे। चैतन्य और देवेंद्र भुट्टो इनमें से पहली बार के विधायक थे। अन्य चार विधायक सुधीर शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर थे। सुधीर और लखनपाल उपचुनाव जीत गए थे, जबकि राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर हार गए थे।
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