गृह जनपद में तैनात अधिकारियों को हटाने पर सरकार जल्द फैसला ले सकती है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के एक सवाल पर सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह ने जो जवाब दिया, उससे कुछ इसी तरह के संकेत मिले हैं। मुकेश ने सवाल किया कि आखिर सिंचाई विभाग में अधीक्षण अभियंता जैसे पद पर छह जगह नियमों को दरकिनार कर अफसरों को गृह जनपद में तैनाती क्यों दी गई है।
सतपाल रायजादा ने आरोप लगाया कि गृह जनपद में अफसरों की तैनाती की वजह से वह द्वेष भाव रखते हुए बदले की कार्रवाई भी की जा रही है। दोनों सदस्यों के सवाल के जवाब में मंत्री ने माना कि छह अधिकारियों को गृह जनपद में तैनाती मिली हुई है। साफ किया कि नियमों के तहत ही मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही तैनाती दी गई है।
ऐसे में अधिकारियों को गृह जनपद से हटाने के लिए भी मुख्यमंत्री ही निर्णय करेंगे। मंत्री की इस दलील पर मुकेश ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह गलत बात है कि विशेष परिस्थितियों में की बजाय ऐसे ही मुख्यमंत्री अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कहा कि सरकार जल्द इन्हें हटाने पर निर्णय ले वरना चुनाव आयोग के डंडे के बाद सरकार को इन्हें हटाना ही पड़ेगा।