गुणवत्ता और विपणन में सुधार जरूरी
बागवानी विभाग के सेवानिवृत संयुक्त निदेशक डाॅ. देशराज का कहना है कि सेब की गुणवत्ता और विपणन में सुधार तथा उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है। सरकार को एंटी हेलनेट पर अनुदान में बढ़ोतरी करनी चाहिए। हर साल ओलों की मार से सेब की फसल को भारी नुकसान होता है। एंटी हेलनेट का प्रयोग कर 70 से 80 फीसदी फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। छोटे सीए स्टोर और प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण को प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
बगीचों की फेंसिंग को अनुदान दे सरकार
प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान ने कहा कि छोटे सीए स्टोर और पैकेजिंग हाउस के संचालन के लिए सोलर प्लांट लगाने पर बागवानों को अनुदान मिलना चाहिए। किसान-बागवानों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन में एचपीएमसी के माध्यम से मदद देने की व्यवस्था होनी चाहिए। बगीचों की फेंसिंग के लिए बागवानों को लोहे के एंगल पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाना चाहिए।
80, 60, 40 न्यूनतम मूल्य लागू हो
संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि सेब की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार को विश्वविद्यालयों में शोध के लिए बजट प्रावधान करना चाहिए। खाद और दवाओं पर सब्सिडी बहाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने एमआईएस के लिए बजट खत्म कर दिया है, प्रदेश सरकार इस मद के लिए बजट प्रावधान करें। ए, बी, सी श्रेणी के सेब के लिए 80, 60 और 40 रुपये किलो न्यूनतम मूल्य लागू किया जाए।
किसानों-बागवानों को बजट से अपेक्षाएं
कीटनाशकों और फफूंदनाशकों पर अनुदान में बढ़ोतरी की जाए।
प्रदेश में बागवानी के विकास के लिए सरकार की ओर से बागवानी नीति बनाई जाए।
सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाए जाएं उच्च गुणवत्ता के पौधे।
आपदा को देखते हुए किसान-बागवानों के कर्जे और ब्याज माफ करे सरकारष
मंडी मध्यस्थता योजना के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।