हिमाचल प्रदेश में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने परीक्षा केंद्र बने सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 25 फरवरी 2026 तक सीसीटीवी कैमरों को लगाना अनिवार्य कर दिया है।
निर्देशों की अवहेलना करने वाले प्रिंसिपलों के खिलाफ सीसीएस (आचरण) नियम 1964 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित प्रिंसिपल को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। निदेशालय ने चेतावनी दी है कि जिन स्कूलों में समय सीमा तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए या वे चालू नहीं पाए गए, उन परीक्षा केंद्रों को रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
ऐसे स्कूलों को भविष्य की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के अनुसार कई परीक्षा केंद्रों पर या तो सीसीटीवी कैमरे लगे ही नहीं हैं या जो लगे हैं वे संचालित नहीं हो रहे हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए निदेशालय ने कहा कि परीक्षा केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य शर्त है। प्रिंसिपलों को तकनीकी सहायता के लिए निदेशालय के आईटी अधिकारियों और हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर व्यवस्था पूरी की जा सके।
निदेशालय ने सभी प्रिंसिपलों को दिए ये निर्देश
- परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों पर निर्बाध सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- परीक्षा के दौरान रिकॉर्डिंग और लाइव फीड शिक्षा बोर्ड और निदेशालय को उपलब्ध करानी होगी।
- नकल रोकने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
- हाल के वर्षों में परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।