जिसके साथ ही बैठक भी औपचारिक रूप से शुरू हो गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आगामी दो दिनों में कार्यसमिति सदस्यों के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा और रणनीति की दिशा तय की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली कार्यसमिति की बैठक हो रही है। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह कर मंडी में इस बैठक को करवाया गया है। आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति के बारे में फिलहाल वह कुछ नहीं कह सकते।
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा टोपियां का रंग रहा। दरअसल, बैठक में टोपियों के अलग-अलग रंग दिखाई दिए। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार को लाल टोपी भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, सांसद रामस्वरूप और अनुराग ठाकुर हरी टोपी पहने नजर आए।
टोपी के रंग की सियासत का सिलसिला खत्म करने की दिशा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहल कर चुके हैं। सीएम पद की शपथ लेते समय उन्होंने कोई टोपी नहीं पहनी थी। इसके बाद मंडी में पहला दौरा करने के दौरान उन्होंने कमल का फूल लगी मलाणा टोपी पहन ली थी।
प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक में शब्दों के खूब तीर चले। बैठक की शुरूआत में ही जब नगर परिषद अध्यक्ष सुमन ठाकुर सीएम जयराम ठाकुर को सम्मानित करने लगीं तो सीएम ने उन्हें यह कह कर टाल दिया कि वह घर के ही हैं।
इतना कहकर वह शॉल-टोपी लेकर पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल की ओर बढ़ गए। इस पर धूमल बोल उठे, हम भी अपने ही हैं हमें क्यों बेगाना कर रहे हो। इस पर कार्यसमिति की बैठक में खूब ठहाके लगे।
दीप प्रज्जवलन के दौरान भी नेताओं ने सीएम को आगे बढ़ाया। लेकिन, सीएम ने प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती को दीप प्रज्वलन करने का आग्रह किया। इसके बाद उन्होंने खुद दीप को प्रज्जवलित किया। इसके बाद सीएम जयराम ठाकुर ने सांसद शांता कुमार को शॉल व टोपी भेंट कर सम्मानित किया।