जब उनसे सवाल किया गया कि पिछले 100 दिनों में किसानों की आमदनी को सरकार ने वर्ष 2022 तक दोगुना करने की बात की है। इसके लिए सरकार की योजना क्या है? इस पर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा - हमने 100 दिन के इस अल्प समय में जो भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उनकी 31 मई तक सारे
महकमे रिपोर्ट देंगे कि उनकी आगे की क्या कार्ययोजना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने कई नई योजनाएं लाई हैं। बजट का भी काफी प्रबंध किया है। तमाम योजनाओं पर काम होगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 100 दिन के इस लक्ष्य निर्धारण में काफी सारी योजनाओं पर काम हुआ है। अब अगले छह महीने के लिए भी लक्ष्य निर्धारण होगा। इसके पीछे सोच ये है कि मंजिल तक पहुंचना है तो लक्ष्य तय किए जाने जरूरी हैं।
सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के फैसलों पर संघ का कोई हस्तक्षेप नहीं है। सरकार मजबूती से फैसले ले रही है। योजनाओं को लेकर कोई भी अपनी राय दे सकता है।
इसमें चाहे संघ के पदाधिकारी हों या फिर हिमाचल की जनता। इन सुझाव पर विचार करना सरकार का काम है। योजनाएं कैसे लागू की जानी हैं, यह सब सरकार को देखना है। बताया जा रहा है कि जयराम सरकार में संगठन का काफी दबाव है।
सरकार की ओर से फैसला लेने पर संगठन के पदाधिकारी हस्तक्षेप करना शुरू कर देते हैं। सचिवालय के गलियारों से लेकर हिमाचल की जनता में यह बातें दोहराई जाती हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकार संघ के दबाव में काम नहीं कर रही है।
जनहित के फैसले सरकार अपने स्तर पर लेती है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा, सहकारिता मंत्री राजीव सैजल और पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर मौजूद रहे। अन्य मंत्री मंडी में पार्टी के आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में गए। सीएम भी कार्यक्रम के तुरंत बाद मंडी रवाना हुए।
सरकार राज्य की आमदनी बढ़ाने को प्रयासरत है। सत्ता में आने के तीन महीने के अल्पकाल में ही सरकार ने उद्योग, ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों से आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाने शुरू किए हैं। 100 दिन के अल्पकाल में राज्य में 17 उद्योग आए।
इन्होंने 456.43 करोड़ का निवेश किया। 28 बिजली परियोजनाओं के लिए भी टेंडर बुलाए गए हैं। परियोजनाएं 1835.4 मेगावाट बिजली पैदा करेंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सचिवालय में सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित ‘संवाद सत्र’ कार्यक्रम में दी।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, लोक निर्माण, जलापूर्ति, आधारभूत ढांचा विकास, रोजगार सृजन, पर्यावरण, वन संरक्षण समेत विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों को भी गिनाया। कहा कि 100 दिन में आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
हालांकि, सरकार को अभी सत्ता में आए हुए तीन महीने ही हुए है। आगे और बेहतरीन काम होगा। कार्यक्रम में सीएम ने राज्य की आर्थिक स्थिति पतली होने का मामला उठाया। कहा कि एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण ने 456.43 करोड़ की 17 औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इनमें 1610 लोगों को रोजगार मिलेगा।
जलविद्युत दोहन को प्राथमिकता देते हुए 1835.4 मेगावाट की 28 जलविद्युत परियोजनाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। 14.90 मेगावाट क्षमता की पांच लघु पनविद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है।
आठ अन्य लघु परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कहा कि नए खनन पट्टों से भी आमदनी का सृजन होगा। खनन नीति को सरल बनाया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
प्रदेश विद्युत बोर्ड की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने के उद्देश्य से 59.70 एमवीए क्षमता के 9 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इससे 1.80 लाख उपभोक्ता लाभान्वित किए गए हैं। इस अवधि में 9500 नए उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं।
स्क्रीन पर सरकार की उपलब्धियों पर एक डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई। इसमें विभिन्न क्षेत्रों मेें जनता को पहुंचाए गए लाभ का भी ब्योरा दिया गया। लोगों के साक्षात्कार भी दिखाए गए।
सरकार की उपलब्धियों पर निकाले गए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साप्ताहिक समाचार पत्र गिरिराज साप्ताहिक का भी लोकार्पण किया गया। उपलब्धियों को गिनाती पुस्तिका ‘विकास की राह पर शिखर की ओर हिमाचल’ का भी सीएम ने लोकार्पण किया।