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पत्र बम पर भाजपा ने साधी चुप्पी, अब पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार

Sat, 14 Sep 2019 10:06 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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उपचुनाव से ठीक पहले कांगड़ा में फूटे पत्र बम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कांग्रेस की ओर से की जा रही किरकिरी के बीच भाजपा ने अब इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। संगठन ने सभी छोटे-बड़े नेताओं को किसी भी तरह की बयानबाजी से बचने को कहा है। पार्टी अब पुलिस की उस जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसमें साफ होगा कि पत्र किसने और किसे भेजा। इसके बाद पार्टी इस विवाद से जुड़े नेताओं के भविष्य पर फैसला लेगी। 

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पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार को लिखे इस गुमनाम पत्र ने प्रदेश भाजपा में भूचाल ला दिया है। पत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर समेत कई नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। यूं तो अकसर गुमनाम पत्र लिखे जाते रहे हैं, लेकिन विवाद तब बढ़ गया जब पूर्व मंत्री रविंद्र रवि पर आरोप लगा कि उन्होंने इस पत्र को वायरल किया है।

पुलिस ने रवि के मोबाइल को जब्त कर जांच को आगे बढ़ा दिया है। इस बीच, शांता और धूमल गुट के बीच वर्षों से चल रहे शीतयुद्ध के फिर से तेज होने के आसार नजर आने लगे हैं। चूंकि, इस मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी नाम आ रहा है। धर्मशाला व पच्छाद विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव पर इस बम से उपजे विवाद का असर पड़ने का खतरा है। ऐसे में संगठन ने बिना किसी ठोस वजह से कुछ भी बोलने से बचने का फैसला लिया है।

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पहले भी लिखे जाते रहे हैं गुमनाम पत्र

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की पहली सरकार के दौरान भी एक गुमनाम पत्र में उनकी सरकार के मंत्री प्रवीण शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। तब सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए जनता के बीच तो उतनी किरकिरी नहीं हुई, लेकिन संगठन के भीतर के और बाहर के विरोधियों ने इसे तूल देना शुरू कर दिया। उस दौरान प्रवीण शर्मा ने इस्तीफा तक देने का प्रस्ताव कर दिया, लेकिन तब धूमल और संगठन ने ऐसा करने से उन्हें रोक दिया था। पत्र को ही नजरंदाज कर दिया था।

उपचुनाव पर फोकस करने के निर्देश
उपचुनाव से ठीक पहले कांगड़ा में भाजपा के भीतर गुटबाजी अपने चरम पर पहुंचने लगी है। सोशल मीडिया में भी फजीहत हो रही है। ऐसे में इसका असर उपचुनाव पर पड़ने से पहले ही भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती खुद धर्मशाला पहुंचे हैं।

अगले कुछ दिन तक पूरा संगठन धर्मशाला में डेरा जमाकर चुनावी तैयारियों में जुटेगा। कार्यकर्ताओं को प्रचार-प्रसार का जिम्मा सौंपा जा रहा है। साथ ही हर बूथ स्तर पर प्रबुद्घ लोगों से संपर्क करने का खाका तैयार कर लिया गया है।
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