फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूठों की सूची तैयार करने में जुटी भाजपा, मनाने की तैयारी

Tue, 26 Mar 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
BJP Logo
विज्ञापन

हिमाचल भाजपा रूठों की सूची तैयार करने में जुट गई है। भाजपा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिनके टिकट कटे हैं, उन्हें मनाने में जुट गई है। दरअसल भितरघात से बचाव के लिए भाजपा ने मोर्चाबंदी तेज कर दी है। 

विज्ञापन


पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा और अधिक सतर्क हो गई है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो ऐसे नेताओं की सूची बनानी शुरू कर दी गई है जो अंदरखाते नाराज चल रहे हैं।

इन नेताओं से संपर्क साधकर प्रचार में सहयोग को कहा जा रहा है। कई भाजपा नेताओं को अपने-अपने हलकों से अच्छी लीड देने की स्थिति में रिवार्ड देने की भी बातें भी की जाने लगी हैं। 

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में इन्हें नहीं मिले टिकट 

फाइल फोटो
लोकसभा चुनाव के लिए पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा मंडी से टिकट मांग रहे थे। मगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह कांग्रेस के साथ हो लिए। हमीरपुर से पूर्व सांसद सुरेश चंदेल टिकट की मांग कर रहे थे, पर वह भी अब कांग्रेस के संपर्क में हैं।

इसी तरह से शिमला से वीरेंद्र कश्यप का टिकट कटा है। वीरेंद्र कश्यप ने अभी तक अपना अगला रुख स्पष्ट नहीं किया है। शिमला से भाजपा के चुनाव प्रकोष्ठ के संयोजक एचएन कश्यप भी टिकट मांग रहे थे। वह भी खामोश बैठे हैं।

मंडी से ही ब्रिगेडियर खुशाल सिंह को भी टिकट नहीं मिल पाया है। इसी तरह से कांगड़ा से त्रिलोक कपूर, दूलो राम और कई अन्य दावेदारों को भी टिकट नहीं मिल पाए हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर नेता पार्टी आलाकमान के आदेश को दबे स्वरों में स्वीकार भी कर रहे हैं।   
विज्ञापन

विधानसभा चुनाव के दौरान इनके टिकट कटे थे, कई अभी तक नाराज 

बीते विधानसभा चुनाव में पांच सिटिंग विधायकों के टिकट कटे थे। ये झंडूता से रिखीराम कौंडल, चंबा से बीके चौहान, अर्की से गोबिंद राम शर्मा, भोरंज से डॉ. अनिल धीमान और इंदौरा से मनोहर धीमान हैं।

मनोहर धीमान ने निर्दलीय विधायक रहते टिकट की आस में भाजपा का दामन थामा था, मगर उनका टिकट भी कट गया। सुंदरनगर से पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर और चंबा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसीराम भी टिकट से वंचित रखे गए। हालांकि इनमें से कुछ नेता भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं, मगर कई नेता खामोश बैठे हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें