बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के समोह गांव में हुई पालीटेक्निक कॉलेज प्रशिक्षु की हत्या कर शरीर के दो टुकड़े किए गए। शरीर का दूसरा हिस्सा शुक्रवार सुबह घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर जंगल में सुनसान जगह पर बोरी में बंद मिला। बोरी में सिर, बाजू और धड़ को अलग-अलग काट कर डाला गया था। यह सभी अंग पूरी तरह से गल-सड़ चुके हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।
मंडी से आई फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों के सामने बारीकी से जांच की। पुलिस मामले में एक दर्जन संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जबकि चार रिश्तेदारों और गांव के एक युवक को हिरासत में लिया गया है।
फॉरेंसिक टीम ने घर के साथ लगती पशुशालाओं की भी जांच की। इस दौरान टीम को कुछ जगहों पर खून के धब्बे मिले। उनके सैंपल इकट्ठा किए। मृतक के पिता ने अपने चचेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों पर हत्या का शक जाहिर किया है।
पुलिस उन्हें थाना ले जाकर पूछताछ कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने हिरासत में लिए चचेरे भाइयों की गेहड़वी में स्थित मीट की दुकान से भी साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने हिरासत में लिए चचेरे भाइयों के घर व आसपास भी जांच की।
बता दें कि पालीटेक्निक कॉलेज कलोल में तृतीय वर्ष का प्रशिक्षु अंकित कुमार उर्फ अंकु 14 जुलाई से लापता था। वीरवार को उसके शरीर का नीचे का हिस्सा बोरी में घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल में मिला था। मृतक के पिता ने एड़ी में बंधे काले धागे और कैपरी देखकर बेटे की पहचान की थी।
पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने बताया कि युवक की हत्या बंद कमरे में हुई है। अभी तक करीब एक दर्जन लोगों से शक के आधार पर पूछताछ हुई है। उन्होंने बताया कि हत्या के आरोपी बहुत जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
हत्या में रंजिश की आशंका
समोह गांव में युवक की हत्या में परिवार की आपसी रंजिश की आशंका है। पुलिस ने मृतक के पिता के दो चचेरे भाइयों और उनकी पत्नियों सहित दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं मृतक के पिता ने भी अपने चचेरे भाइयों और परिवार के सदस्यों पर हत्या का शक जाहिर किया है।
मृतक के पिता और चाचा ने बताया कि कुछ महीने पहले अंकित के साथ उनके चचेरे भाई की कहासुनी हुई थी। इसके बाद उन्होंने उसे धमकियां दी थीं। उन्होंने शक जाहिर किया कि अंकित की हत्या 14 जुलाई की रात को कर दी गई थी। उधर, मृतक अंकित के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मां, बहन और दादी बेसुध हैं।
शुक्रवार को जब फॉरेंसिक टीम घर पर पहुंची तो दादी फूट-फूट रोने लगी और अपने पोते के लिए न्याय की गुहार लगाने लगी। वहीं, गांव के लोगों का उनके घर पर आना-जाना लगा रहा और लोग परिजनों को ढांढस बधाते रहे। ग्रामीणों में भी इस तरह की निर्मम हत्या से आक्रोश है।
ग्रामीण भी हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर भेज दिया है। जांच के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। अन्वेषण व पूछताछ का कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित शर्मा की अध्यक्षता में बनी टीम करेगी।
कॉल डिटेल, सीसीटीवी कैमरा, डंप डाटा विश्लेषण और तकनीकी सहायता के लिए उपमंडल पुलिस उप अधीक्षक घुमारवीं के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने शव की जांच कर हत्या के साक्ष्य जुटाए।