बिलासपुर। जिले के कई क्षेत्रों में नलों से मटमैला पानी आने से लोग परेशान हो रहे हैं। पीने का पानी की बदहाल व्यवस्था को लेकर लोग जल शक्ति विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय के साथ लगती ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा और नौणी के गांव मानवा, खनसरा, रामपुर तवाड़ी, मंडी-भराड़ी, ग्राम पंचायत सिहड़ा, बंदला और बिनोला में सुबह-सुबह नलों में आए पानी को देखकर लोगों में रोष है। नलों में आया पानी ऐसा था कि उसे पीना तो दूर, कपड़े भी नहीं धोए जा सकते हैं। लोगों में यह डर है कि अगर ऐसे मटमैले पानी का वे उपयोग करेंगे तो कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं और उन्हें बेवजह अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
रघुनाथपुरा और नौणी पंचायत के स्थानीय निवासी संदीप सांख्यान, रमेश कुमार, मदन लाल, समीर, अंकित और बिक्रम ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों कई दिनों से मटमैला पानी आ रहा है, लेकिन शुक्रवार को तो ऐसे पानी की आपूर्ति की गई, जिसे पीना तो दूर अन्य रोजमर्रा के कामों में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल आदमी की बुनियादी जरूरत है, यदि इस तरह का मटमैला पानी नल में आता है तो इसकी जवाबदेही विभाग के अधिकारियों और सरकार की बनती है। सरकार नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल देने की बातें करती है, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही है।
क्या कहना है विभाग का
जल शक्ति विभाग बिलासपुर के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य ने बताया कि नौणी और रघूनाथपुरा में बुधवार को हुई भारी बारिश से भंडारण टैंकों में मलबा और बारिश का पानी चला गया था। वीरवार को इन्हें साफ करवाया गया। पेयजल लाइन में भी मलबा हो सकता है, जो शुक्रवार को पानी के साथ मिलकर नलों में पहुंच गया।