हिमाचल प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के लिए निजी प्रैक्टिस और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सेवा में नियुक्त किसी भी डाक्टर को निजी प्रैक्टिस, चाहे वह परामर्श हो या प्रयोगशाला संबंधी कार्य, करने की अनुमति नहीं होगी।स्वास्थ्य सचिव की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई है। इसके साथ ही 24 मई 2023 या उसके बाद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में भर्ती हुए डॉक्टरों और फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी देय नहीं होगा।
सरकार के इस निर्णय को चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवा शर्तों को सख्त करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उल्लेखनीय है कि सरकार को बार बार शिकायतें मिल रही है कि डाक्टर निजी प्रैक्टिस करते हैं। ऐसे में डॉक्टरों का ध्यान निजी प्रैक्टिस में ज्यादा और अस्पतालों में रहता है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।