हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को सर्वसम्मति से सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एकजुटता दिखते हुए हिमाचल निर्माता व प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार को भारत रत्न सम्मान देने का प्रस्ताव पारित किया। अब इसे केंद्र को भेजा जाएगा। यह प्रस्ताव गैर सरकारी सदस्य दिवस पर प्रस्तुत किया गया। नाहन के कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने डॉ. परमार को भारत रत्न सम्मान दिए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधानसभा में सभी सदस्यों ने डॉ. परमार की ओर से हिमाचल के लिए दिए गए योगदान को याद किया और भारत रत्न की पैरवी की। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह लोगों की भावना से जुड़ा हुआ विषय है। डॉ. परमार के दिए योगदान के लिए किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं, भारत रत्न के लिए सभी हिमाचल एकजुट हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले, परमार को भारत रत्न देने की पैरवी पहले होनी चाहिए थी। अग्निहोत्री ने कहा कि जब तक हिमाचल है, तब तक डॉ. परमार की बात होगी। कई सदस्यों ने कहा कि यह प्रस्ताव पहले आना चाहिए था। वह कहते हैं कि देर आए, दुरुस्त आए, पर आए तो आए।